
देहरादून बार एसोसिएशन की मांगों को लेकर शासन ने महत्वपूर्ण आदेश जारी कर दिया है। जारी पत्र में सरकार ने बार एसोसिएशन द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर विचार करने और आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि आदेश के बाद भी वकीलों की हड़ताल जारी है।
बार एसोसिएशन की मांगों पर शासन का बड़ा फैसला
आदेश के अनुसार कलक्ट्रेट के आसपास के क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें एसडीएम, मुख्य नगर और क्षेत्रीय नियोजन अधिकारी सदस्य होंगे। यह समिति बार एसोसिएशन द्वारा उठाए गए प्रस्तावों पर अध्ययन करते हुए अंतिम प्रस्ताव तैयार करेगी। सरकार ने बार एसोसिएशन के चैंबरों के लिए उपलब्ध भूमि पर निर्माण के आकलन की कार्रवाई भी शुरू करने का निर्णय लिया है। साथ ही मास्टर प्लान के अंतर्गत अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने पर भी विचार होगा।

दो अधिवक्ताओं ने दिया इस्तीफा
शासन के आदेश के बाद भी वकीलों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। वकीलों का कहना है कि प्रशासन द्वारा पहले भी 22 नवंबर को चैंबर निर्माण को लेकर आश्वासन दिया गया था, लेकिन ठोस कार्यवाही अब तक नहीं हुई। इस वजह से अधिवक्ताओं में अभी भी नाराजगी है। इसी बीच बार एसोसिएशन कार्यकारिणी के दो सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वकीलों का कहना है कि धरने की नीति से खिलवाड़ किया गया है।
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अध्यक्ष के जाने के बाद अधिवक्ताओं ने खुद धरने का संचालन करने का लिया फैसला
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की ओर से भी हड़ताल ख़त्म करने का फैसला लिया गया है। जिसके बाद वे धरना स्थल से चले गए हैं। अध्यक्ष के जाने के बाद भी वकील वहीं मौजूद हैं और धरना जारी है। उनका स्पष्ट कहना है कि मुफ्त चैंबर बनाने की मांग पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। वकीलों ने निर्णय लिया है कि अब धरने का संचालन वे स्वयं अधिवक्ता करेंगे और आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।