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बाबा बालकनाथ मंदिर ट्रस्ट की दुकान पर मिलने वाला प्रसाद खाने लायक नहीं, जांच में खुलासा

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के दियोटसिद्ध में बाबा बालकनाथ मंदिर ट्रस्ट की दुकान पर प्रसाद के रुप में बेचे जाने वाले रोट के नमूने जांच में खाने लायक नहीं पाए गाए हैं। यहां चढ़ने वाले प्रसाद के रुप में रोट बनाने के लिए गेंहूं के आटे, चीनी और देसी घी या वनस्पति तेल का इस्तेमाल किया जाता है। हर साल लगभग 50-75 लाख श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के प्राचीन गुफा में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वे बाबा बालकनाथ को प्रसाद के रुप में रोट, मिठाइयां और अन्य चीजें चढ़ाते हैं।

जांच में बासी पाए गए रोट

दरअसल अधिकारियों के मुताबिक, बाबा बालकनाथ मंदिर में चढ़ाए जाने वाले रोट को लेकर कई शिकायतें मिल रही थी जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंदिर से रोट के नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए सोलन जिले की कंडाघाट प्रयोगशाला में भेजा। जांच में मंदिर में चढ़ाए जाने वाले रोट खाने लायक नहीं पाए गए। प्रसाद के रुप में चढ़ाए गए रोट बासी थे और ये सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। अब दिशा-निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

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