
भाजपा नेता और नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. मुकेश बोरा ने गिरफ़्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. लेकिन जैसे ही इसकी भनक पीड़िता पक्ष को मिली. पीड़िता की ओर से न्यायालय में कैवियट दाखिल कर दी गई है.
गिरफ़्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे मुकेश बोरा
मुकेश बोरा ने गिरफ़्तारी पर रोक लगाने और उसके विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गया है. लेकिन जैसे ही इसकी भनक पीड़िता को मिली. पीड़िता की ओर से न्यायालय में कैवियट दाखिल कर दी गई है. बोरा की याचिका पर आगामी शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है.
कैवियट दाखिल करना क्या होता है ?
कैविएट याचिका किसी व्यक्ति द्वारा दायर की जाती है, जिसे कैविएटर कहते हैं. कैविएट दाखिल करने का मकसद, न्यायालय से यह अनुरोध करना होता है कि अगर किसी के ख़िलाफ़ कोई मुकदमा दायर किया जाता है, तो उसे इसकी सूचना दी जाए. कैविएट दाखिल करने के लिए, कैविएटर या उसके वकील को एक नकल के साथ न्यायालय में कैविएट याचिका जमा करवानी होती है.