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रामनगर की GI टैग वाली लीची हुई तैयार, देश के साथ-साथ विदेशी भी चखेंगे स्वाद

नैनीताल के रामनगर की जीआई टैग वाली लीची तैयार हो चुकी है। ठेकेदारों ने लीची तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। जिससे कई लोगों को रोजगार भी मिला है। देश के साथ-साथ रामनगर की लीची विदेश में भी जाएगी। बता दें विदेशी भी अब उत्तराखंड की लीची का स्वाद चखेंगे।

रामनगर की GI टैग वाली लीची हुई तैयार

नैनीताल जिले के रामनगर की लीची का स्वाद देश के साथ ही विदेश के लोगों को भी चखने को मिलेगा। यहां की लीची का स्वाद अपने आप में मिठास से भरा होता है, इसीलिए इस लीची को जीआईटैग भी मिला है। जो अन्य सामान्य लीची से अपने आप को अलग करती है। यह लीची मई के महीने से बाजार में आनी शुरू हो जाती है।

हजारों ग्रामीणों को मिला रोजगार

रामनगर, कालाढुंगी, चकलुआ की लीची अब आम लोगों के स्वाद को बढ़ाने के लिए बिलकुल तैयार है। आपको बता दें लंबे समय के बाद अब लीची की कटाई का काम बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व पुरुष लीची की कटाई-छंटाई और पैकिंग का काम कर रहे हैं। इससे नैनीताल जिले के हजारों ग्रामीणों को रोजगार मिला है।

विदेश में भी सप्लाई होती है रामनगर की लीची

लीची के बागान को ठेके में लिए ठेकेदार ताहिर हुसैन कादरी ने बताया कि हमारे बगीचे में लीची तुड़ाई का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी लीची देश के साथ ही विदेश में भी अपना स्वाद छोड़ती है।

वहीं नैनीताल के कादिर हुसैन बताते हैं कि वामनगर की लीची राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने स्वाद के लिए जानी जाती है, वह कहते हैं कि यहां की लीची का स्वाद अन्य राज्यों के मुकाबले अलग है, जो अपने आप को सबसे अलग करती है, इसीलिए यहां की लीची देश-विदेश में भी सप्लाई होती है।

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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