Big NewsUttarakhand

सदन में उठा बाघ व गुलदार के हमलों में मौत का मुद्दा, वन मंत्री सुबोध उनियाल ने दिया ये जवाब

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन में बाघ और गुलदार के हमलों से लोगों की मौत का मुद्दा उठा। कांग्रेस विधायक सुमित ह्रदयेश ने सदन में बाघ और गुलदार के हमलों से लोगों की मौत का मामला उठाय़ा। जिस पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने जवाब दिया।

2017 से अब तक हुई 444 लोगों की मौत

कांग्रेस विधायक सुमित ह्रदयेश ने कहा कि 2017 से अब तक 444 लोगों की मौतें बाघ और गुलदार के हमले में हुई है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट में बाघों की संख्या 260 हो गई है। हर बार 20 हेक्टेयर फसलें वन्यजीव बर्बाद कर देते हैं। लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं।

प्रदेश में वन्यजीवों के आतंक से आम आदमी परेशान

सुमित ह्रदयेश ने कहा कि प्रदेश में वन्यजीवों के आतंक से आम आदमी परेशान है। वन्यजीवों को लेकर सरकार नीति लेकर आए। वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाए। बुरांश को लेकर भी उन्होंने कहा कि इस बार दो महीने पहले ही बुरांश का फूल खिल गया। जिसकी एक बड़ी वजह ग्लोबल वॉर्मिंग है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने दिया ये जवाब

वन्यजीव हमलों पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने जवाब दिया कि सरकार ने 900 फॉरेस्ट गार्ड व 300 वन दरोगाओं की भर्ती की है। वन मंत्री ने बताया कि 2017 से लेकर अब तक वन्य जीव हमलों में 2,110 लोग घायल हुए हैं। जिनके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।

वन्यजीव मौतों में अन्य जानवरों के अलावा बंदर, ततैया, मधुमखियों को भी शामिल किया गया है। वन्यजीवों द्वारा घरेलू जानवरों की मौत पर भी मुआवजा बढ़ाया गया है। मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने को हेल्पलाइन बनाई गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जर्मनी की सरकार से इसको लेकर मदद ली जा रही है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
Back to top button