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UCC पर भड़के ओवैसी, बिल में बताई कई खामियां, सीएम धामी से पूछे तीखे सवाल

हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुदीन ओवैसी भी UCC के खिलाफ हैं और उन्होनें इस बिल को लेकर कई सवाल किए हैं। उन्होनें बिल को लेकर कई खामियां बताई हैं। ओवैसी ने कहा कि मुझे अपने धर्म और संस्कृति का पालन करने का अधिकार है। ये बिल मुझे अलग धर्म के नियमो का पालन करने को मजबूर करता है।

ओवैसी ने कहा, उत्तराखंड का UCC बिल एक हिंदू कोड के अलावा और कुछ नहीं है। सबसे पहले बिल में हिंदू अविभाजित परिवार को छुआ नहीं गया है क्यों? अगर आप उत्तराधिकार और विरासत के लिए एक समान कानून चाहते हैं तो हिंदुओं को इससे बाहर क्यों रखा गया है? क्या कानून एक समान नहीं हो सकता है यदि वह आपके राज्य के बहुसंख्यकों पर लागू नहीं होता है?

UCC में आदिवासी के बाहर क्यों रखा?

उन्होनें कहा, बहुविवाह, हलाला, लिव-इन-रिलेशनशिप चर्चा का विषय बन गए हैं, लेकिन कोई यह नहीं पूछ रहा कि हिंदू अविभाजित परिवार को क्यों बाहर रखा गया है। कोई ये नहीं पूछ रहा कि इसकी जरुरत क्यों थी?  ओवैसी ने बिल के बहाने धामी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य संवैधानिक और कानूनी मुद्दे भी हैं। बिल में आदिवासियों को बाहर क्यों रखा गया है? यदि एक समुदाय तो छूट दे दी जाए तो क्या यह एक समान हो सकता है?  

यह बिल हमें मजबूर करता है

वहीं ओवैसी ने कहा कि यह विधेयक मुझे एक अलग धर्म और संस्कृति का पालन करने के लिए मजबूर करता है। हमें एक प्रणाली का पालन करने के लिए मजबूर करना अनुच्छेद 25 और 29 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, एक स्वैच्छिक यूसीसी पहले से ही एसएमए, आईएसए, जेजेए, डीवीए के रूप में मौजूद है। इसे अनिवार्य क्यों बनाया जाए जब अंबेडकर ने स्वयं इसे अनिवार्य नहीं कहा था?

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