
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को लेकर आंदोलनकारियों ने सरकार की मंशा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
आंदोलनकारियों ने उठाए सरकार की मंशा पर सवाल
राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती के नेतृत्व में रविवार को शहीद स्थल पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राज्य आंदोलनकारी से जुड़े तमाम लोग मौजूद रहे। प्रदीप कुकरेती ने मीडिया से बातचीत में सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने मार्च 2023 में ही क्षैतिज आरक्षण को लागू करने की बात कही थी।
सरकार से की यह मांग
लेकिन अभी तक क्षैतिज आरक्षण विधेयक विधानसभा से पास नहीं हुआ है। ऐसे ही चिन्हीकरण का मामला भी पिछले कई सालों से लटका हुआ है। लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। उन्होंने सरकार से एक सप्ताह के भीतर सत्र बुलाकर 31 दिसंबर से पहले ही राज्यपाल द्वारा शासनादेश सौंपने की मांग की है।
मांगें पूरी नहीं हुई तो करेंगे आगे की रणनीति तय
राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार क्षैतिज आरक्षण विधेयक को पास नहीं करती है तो आंदोलनकारी जल्द ही अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे।