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नहीं थम रहा गौला खनन के वाहनों की फिटनेस निजी हाथों में दिए जाने का विरोध, सौंपा ज्ञापन

गौला खनन के वाहनों की फिटनेस निजी हाथों में दिए जाने का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी को लेकर आज दर्जनों खनन वाहन स्वामियों ने किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री के नाम तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

गौला खनन वाहनों की फिटनेस निजी हाथों में दिए जाने का विरोध

गौला खनन के वाहनों की फिटनेस निजी हाथों में दिए जाने का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को दर्जनों खनन वाहन स्वामियों ने मुख्यमंत्री के नाम तीन सूत्रीय मागों का ज्ञापन पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को सौंपा। जिसमें उन्होने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से गौला से जुडे सभी वाहन स्वामियों की समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की मांग की है। जिस पर पूर्व विधायक शुक्ला ने खनन वाहन स्वामियों को पुरी मदद का आश्वासन दिया है।

12 हजार से अधिक वाहन स्वामी करते हैं खनन निकासी का कार्य

समिति के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि गौला, नधौर, दबका से लगभग 12 हजार से अधिक वाहन स्वामी जुड़े हुए हैं। जो नदियों से खनन निकासी का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि खनन से जुड़े सभी वाहनों कि फिटनेस निजी हाथों दिए जाने से आर्थिक नुकसान उठाना पडे़गा।

गौला से जुड़े हुए वाहन साल में सिर्फ पांच महीने के आ-सपास की खनन करते हैं। बाकी समय गाड़ी सरेंडर रहती है एक साथ रिलीज करने पर फिटनेस होना संभव नहीं होगा। वैसे भी गोला में पुरानी गाड़ियां ही खनन करती हैं। उन्होने मांग की है कि फिटनेस को प्राइवेट हाथों में न दिया जाए।

वाहन स्वामियों की समस्या पहुंचाएं मुख्यमंत्री तक

समिति के महांमत्री जीवन कबडबाल ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से मांग करते हुए कहा कि खनन वाहनों में जीपीएस लगाने की अनिवार्यता समाप्त किया जाए और वाहनों की फिटनेस पूर्व की भांति हो। इसके साथ ही फिटनेस शुल्क में बढ़ोतरी ना की जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी वाहन स्वामियों की समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की मांग की है।

वाहनों की फिटनेस प्राइवेट हाथों में देना सही नहीं

पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा ने गौला नन्धौर के साथ-साथ गन्ने के प्लांट में भी जो गाड़ियां चलती हैं उनका भी फिटनेस परिवहन विभाग द्वारा हो ना की ठेकेदारी हाथों से हो। उन्होंने कहा कि वाहनों की फिटनेस प्राइवेट हाथों को दिया जाना सही फैसला नहीं है। उन्होंने वाहन स्वामियों को भरोसा दिया कि वो इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से बात कर वाहन स्वामियों की हर समस्याओं को उनके आगे रखेंगे।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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