
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से सामूहिक कलम दवात, चित्रगुप्त पूजन का आयोजन किया गया। जिसके बाद हवन व भंडारा का भी आयोजन हुआ।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने किया चित्रगुप्त पूजन
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया के अवसर पर भगवान चित्रगुप्त पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामूहिक कलम दवात पूजा का आयोजन किया गया।
धूमधाम से हुआ आयोजन
देहरादून के राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर में भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा के सामने चित्रगुप्त पूजा में आए लोगों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने सबका धन्यवाद दिया और भगवान चित्रगुप्त के विषय में और कलम दवात पूजा का महत्व बताया।
कलम दवात पूजा का बताया महत्व
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने बताया कि एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान चित्रगुप्त जी का जन्म ब्रहमा जी के चित्त से हुआ था। भगवान चित्रगुप्त को देवताओं का लेखपाल और यम का सहायक कहा जाता है। भगवान चित्रगुप्त को कायस्थ समाज का पूर्वज माना जाता है। इस दिन सबसे पहले भगवान चित्रगुप्त की पूजा आरती होती है। इसके बाद कलम दवात की पूजा की जाती है।
सैकड़ों लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण
कार्यक्रम में कायस्थ समाज के साथ ही अन्य समाज के लोगों ने भी प्रतिभाग किया। कार्यक्रम उपरांत साईं मंदिर में ही आयोजित भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।