
वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान राज्य के विभिन्न विभागों में 18,341 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद अब कांग्रेस इन घोटालों को लेकर कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाते हुए नजर आ रही है।
वार्षिक लेखा रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
सदन के पटल पर रखी गई वित्तीय वर्ष 2021-22 की वार्षिक लेखा रिपोर्ट बड़ा खुलासा कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान राज्य के विभिन्न विभागों में 18,341 करोड़ की वित्तीय गड़बड़िया सामने आई। सबसे ज्यादा अनियमितता 16129 करोड़ 30 लाख की ऊर्जा निगम में पकड़ी गई।
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस इन घोटालों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। कांग्रेस की मुख्य प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की बात तो करती है लेकिन इस दिशा में कोई काम करती नजर नहीं आ रही है।
दसौनी ने कहा प्रदेश सरकार अधिकारियों के माध्यम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रही है। यही वजह है कि विपक्ष जब लोकायुक्त की नियुक्ति करने की मांग करती है तो सरकार उसे ठुकरा देती है।
प्रदेश सरकार को 2297 करोड़ का नुकसान
बता दें अधिकारियों की कारगुजारी से प्रदेश सरकार को लगभग 2297 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। जानकर हैरानी होगी कि राज्य को केंद्र से जो धनराशि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए मिली, अब उस मद की दूसरी किस्त से उत्तराखंड को हाथ धोना पड़ा है। क्योंकि अधिकारी केंद्र को उपयोगिता सर्टिफिकेट नहीं दे पाए।