
कांवड़ मेला में खोये दो भाईयों के लिए पौड़ी पुलिस फरिश्ता बनकर सामने आई है। अलग-अलग जगह पर खोये दो भाईयों को ढूंढ़कर उनके पीता को सौंपकर वर्दी का फर्ज निभाया है। बच्चों को देख उनके परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
दो भाईयों के लिए फरिश्ता बनी पौड़ी पुलिस
पुलिस द्वारा दी जानकारी के मुताबिक नीलकंठ पैदल यात्रा मार्ग पर आरव (5) पुत्र विजयपाल, निवासी अलीपुर मुजफ्फरनगर यूपी यात्रा के दौरान पुण्डरासू के समीप अपने परिजनों से बिछड़ गया था। जो भूखा प्यासा रो रहा था। बच्चे को नींद भी आ रही थी। बच्चे को भटकता देख पुण्डरासू चौक पर नियुक्त पुलिसकर्मियों ने बच्चे को खाना खिलाकर उसके सोने की व्यवस्था की।
घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को ढूंढा
घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरव के परिजनों को ढूंढ कर उसे उसके पिता विजयपाल को सौंप दिया। इस दौरान विजयपाल ने बताया कि उनका बड़ा बेटा हर्ष (9) भी उनसे बिछड़ गया। सूचना पर पुलिस कर्मियों ने एनाउन्समेंट कर हर्ष की भी खोज शुरू की। नीलकंठ स्थित हनुमानगढ़ी धर्मशाला के पास एक बालक अपने परिजनों की तलाश कर रहा था।
बच्चों को सकुशल देख पुलिस का जताया आभार
बच्चे की पहचान हर्ष (9) के रूप में हुई। जिसके बाद पुलिस ने हर्ष को भी उसके पिता को सौंप दिया। अपने दोनों बच्चों को सकुशल देख विजयपाल ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
बता दें पौड़ी पुलिस द्वारा छह डिजिटल खोया पाया केन्द्रों को एसएसपी पौड़ी की पहल से शुरू किए गए हैं। इसके माध्यम से मेले में खोये लोगों के परिजनों को ढूंढा जा रहा है।