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किसानों की चेतावनी : एक-एक दाना नहीं तौला गया तो पूरे उत्तराखंड में करेंगे जबरदस्त आंदोलन

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किच्छा : धान खरीद का टारगेट पूरा होने के बाद सरकार ने धान खरीद बंद कर दी है। धान तोलने के लिए लक्ष्य पूर्ण होने का हवाला देकर सरकार के आदेश के तहत धान की खरीद बंद कर दी है। इस परिपेक्ष में किसान नेता डॉ. गणेश उपाध्याय ने सभी तौल केंद्रों पर दोबारा धान की खरीद करवाने की मांग की है।

किसान नेता डॉ. उपाध्याय ने कहा सरकार ने अभी तक मात्र 90 लाख कुंतल ही किसानों का धान तोला है। जबकि एक करोड़ कुंतल धान तोलने का लक्ष्य पूर्व में निर्धारित था। जिसमें करीब 60 लाख कुंतल उत्तर प्रदेश का धान तौला गया है। साथ ही डॉ गणेश उपाध्याय ने कहा पूरे कुमांऊ में सीजन में समितियों द्वारा एक लाख कुंतल ऑफलाइन में खरीदा गया है। जो लक्ष्य के सापेक्ष अधिक था और मौखिक तौर पर कहा गया था आप का कोटा बढ़ाया जाएगा। जबकि अभी उत्तराखंड का 10 लाख कुंतल धान तुलना बाकी है।

उन्होंने आरोप लगाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने हाल ही में जो कृषि कानून बनाया था. उस कानून के तहत आज किसानों को अपने ही प्रदेश में धान तौलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है अगर किसानों का एक-एक दाना धान नहीं तौला गया तो पूरे उत्तराखंड के अंदर जबरदस्त किसान आंदोलन किया जाएगा। भुगतान की स्थिति में सरकार ने लिखित तौर उत्तराखंड के नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ में लिख कर दिया है 48 घंटे से लेकर 1 हफ्ते में भुगतान करेंगे। जबकि हकीकत यह है 35 दिन से ऊपर हो चुका है। किच्छा मंडी में 20 हजार कुंतल किसानों का धान तुलना है। पूरे कुमाऊं रीजन पर 3 से 5 लाख कुंतल धान तौला जाना अभी बाकी है। जो मोदी सरकार की नाकामी की दास्तां स्वयं बयां कर रही है। बाइट :किसान नेता डॉक्टर गणेश उपाध्याय

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