Big NewsChampawathighlight

उत्तराखंड ब्रेकिंग : डॉक्टर दंपत्ति ने दिया इस्तीफा, कोरोना काल में नहीं मिला वेतन!

Breaking uttarakhand news

टनकपुर l दुर्गम में भी अपनी चिकित्सा सेवा से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले और भगवान कहलाए जाने वाले डॉक्टर आख़िरकार कुप्रबंधन औऱ गुटबाजी का शिकार होकर अपने कर्तव्यों से विमुख होना पड़ जाता है। चम्पावत जिला चिकित्सालय इसकी एक बानगी भर हैl डिस्टिक हॉस्पिटल में कार्यरत सर्जन डा. राहुल चौहान और प्रसूति विशेषज्ञ/गायिनी डा. मोनिका रानी ने इस्तीफा दे दिया है। दोनों चिकित्सक पति-पत्नी हैं। उन्होंने इस्तीफे का कारण वेतन मिलने में देरी और निजी कारण बताया है।

तैनाती के बाद से वेतन नहीं मिला, मिला तो देरी से-डॉक्टर

गौर हो कि डा. राहुल चौहान व उनकी पत्नी की कोरोना के बाद जून माह में जिला अस्पताल में पहली तैनाती हुई थी। इस तीन माह के समय में वह दोनों अपने कार्य को लेकर खासे लोकप्रिय रहे। कई जटिल ऑपरेशन कर उन्होंने गरीब लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देकर गरीबों का पैसा भी बचाया। डॉक्टर दम्पत्ति के मुताबिक उन्हें तैनाती के बाद से वेतन नहीं मिला और मिला भी तो देरी से जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना ड्यूटी करने वाली डॉक्टर दंपत्ति ने इस्तीफा देने का फैसला लिया। उनका कहा है कि मानदेय न मिलने और अन्य कारणों से वह इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि, बुधवार को उन्हें वेतन दिया जा चुका है।

डा.चौहान ने तीन महीनों के भीतर एपेंडिक्स, हर्निया, पथरी, हाइड्रोसील के साथ ही मरीजों के कई बड़े लगभग 55 ऑपरेशन किए। जबकि उनकी पत्नी डा. मोनिका रानी ने कई गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराये थे। अपने कार्य को लेकर वह क्षेत्रीय लोगों में एक उम्मीद की किरण की तरह रहे। उन्होंने पिछले दिनों अस्पताल में गुटबाजी व सहयोग न मिलने की बात रखी थी। इस्तीफे के पीछे अन्य कारण भी बताए जा रहे हैं।

इधर, पीएमएस डा.आरके जोशी का कहना है कि वह फिलहाल आइसोलेशन में है और उन्हें इस्तीफे की जानकारी नहीं है। ना ही उन्हें पत्र मिला है। अलबत्ता योग्य चिकित्सक दम्पत्ति के रिजाइन के बाद गरीब तबके के मरीजों को खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है l

Back to top button