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उत्तराखंड : इस बार कुछ अलग होगी बकरीद, सीओ और धर्मगुरुओं की बैठक

Badrinath

रूडकी में ईद उल अज़हा के त्यौहार को लेकर पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क है। रूडकी पुलिस ने शहर के सभी धर्मगुरुओं और उलेमाओं की बैठक ली है, जिसमें अधिकारियों ने कोरोना महामारी को देखते हुए नमाज़ में भीड़ और खुले में कुर्बानी ना करने की अपील की है। सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि  कोरोना महामारी के चलते देश नाज़ुक दौर से गुज़र रहा है ऐसे में भीड़भाड़ ना लगाएं और ईदगाह में भीड़ के साथ ना पहुंचकर मस्जिद में केवल पांच लोग ही नमाज़ अदा करेंगे। धर्मगुरुओं पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी है। रामपुर के एक अरबी मदरसे के उलेमा ने चलते फिरते हुए बकरे बेचने की अपील की, जिसे पुलिस ने स्वीकार करते हुए कहा कि सोशल डिस्टेन्स का पालन करें। इस बार किसी तरह से रूडकी में बकरा मंडी या कोई मेला आदि भी नहीं लगेगा।

पुलिस अधिकारियों के साथ तहसील प्रशासन के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। इस दौरान सीओ चन्दन सिंह ने भी लोगों से ईद उल अज़हा का पर्व शांति और भाईचारे के साथ अपने घर पर ही मनाने की अपील की। इस मौके पर बड़ी संख्या में उलेमा रूडकी पहुंचे थे। कोतवाली पहुंचे उलेमाओं और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी पुलिस प्रसाशन का सहयोग करने का आश्वासन दिया। मौलाना अरशद कासमी ने कहा कि आज देश मे सभी लोग पर्व मिलजुलकर मनाते हैं लेकिन आज के माहौल को देखते अपने पर्देदारी में इस ईद उल अज़हा के त्यौहार को मनाएं।

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