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उत्तराखंड पहुंच चुका है ये खतरनाक दुश्मन, जानें इससे बचने के तरीके

चंपावत : किसानों का दुश्मन टिड्डी दल देशभर से होते हुए नेपाल के रास्ते उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में पहुंच चुका है। टिड्डियों का झुंड चंपावत के टनकपुर में मंडराता नजर आया। बताया जा रहा है कि टिड्डियों का यह दल नेपाल सीमा की ओर से टनकपुर पहुंचा है। देखते ही देखते क्षेत्र में टिड्डियों के आतंक का खौफ छा गया। हालांकि फसलों पर हमले की फिलहाल कोई सूचना नहीं है।

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टिड्डी दल के अलर्ट से चंपावत जिले के मैदानी क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि टिड्डियों से सबसे ज्यादा नुकसान का अनुमान ऊधमसिंह नगर जिले को बताया गया है। इसको लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है। इसमें यूपी से लगे तीन जिलों चंपावत, यूएस नगर और नैनीताल में टिड्डियों के खतरे को लेकर आगाह किया गया है। जानकारी मिलते ही चंपावत के मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने टनकपुर पहुंच खेतों का मुआयना किया और किसानों को सचेत भी किया।

-टिड्डियों से फसल को बचाने के लिए रोजाना खेतों का निरीक्षण करें।
-अगर कहीं टिड्डियों के अंड समूह नजर आते हैं, तो उस क्षेत्र में गड्ढे खोदकर टिड्डियों के दल को नष्ट करें।
-प्रभावित क्षेत्रों में चिड़ियों के बैठने का स्थान बनाकर चिड़ियों को आकर्षित करें।
-खेतों के आसपास टिड्डी दल दिखाई देने पर ड्रम, टिन के डिब्बों को बजाकर जोर से आवाज निकालने से टिड्डी दल को दूर भागने में मदद मिलती है।
– जिन क्षेत्रों में फसल न हो, वहां रात में टिड्डियों को आग की लौ जला कर नष्ट कर दें।
– टिड्डी दल के रास्ते में विषाक्त चारा (कीटनाशी युक्त गेहूं या चावल का चोकर) का प्रयोग करें।
– टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए गाडियों में लगे स्प्रेशर हाॅर्न का प्रयोग कर सकते हैं।

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