
देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता कर केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर पैकेज देश को दिया, जिससे देशभर में लोगों को सहारा मिला है। उसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि 65 हजार करोड़ की जरूरत दी, लेकिन पीएम मोदी ने देश को 20 लाख करोड़ का पैकेज दिया।
जरूरतमंदों को निशुल्क राशन दिया
सीएम ने कहा कि मजदूर तबका काफी प्रभावित हुआ, लाखों की संख्या में लोग बेरोजगार हुए। सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के जरिये जरूरतमंदों को निशुल्क राशन दिया। इस योजना को नवंबर तक के लिए बढ़ाया गया। सरकार के फैसलों से किसान, श्रमिक और एमएसएमई उद्योगों को बल मिला है।
विदेशो में भी निर्यात कर रहे हैं
उन्होंने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए 5 लाख किट बनाई जा रही हैं। एन-95 से अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। साथ ही साथ विदेशो में भी निर्यात कर रहे हैं। मनरेगा में 40 हजार करोड़ रुपये गांवों में दिया गया। स्वास्थ्य की व्यवस्थाओं को देखते हुए देश में सभी जगह वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। शुरुआत में कमी देखी जा रही थी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्याप्त मात्रा में वेंटिलेटर हंै।
80 करोड़ लोगों को गरीब कल्याण योजना का फायदा
सीएम ने कहा कि 80 करोड़ लोगों को गरीब कल्याण योजना का फायदा मिला। बुजुर्गों को 3 माह का एडवांस पेंशन दिया जा रहा है। मत्स्य पालन और पशुपालन में विशेष जोर दिया गया है। किसानों को बल देने के लिए विशेष फोकस किया गया। रक्षा क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोरोना के दौरान हवाई सेवाएं ज्यादा प्राभावित हुई हैं। देश में एग्री इंफ्रा फंड बनाया गया है, इससे किसानों को लाभ होगा।
रक्षा सेक्टर को मेक इन इंडिया
41 निजी कोल ब्लॉक की नीलामी शुरू हुई है। रक्षा सेक्टर को मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया जा रहा है। इन कदमों से वैश्विक निर्भरता को कम किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य किसी को पैदा देना नहीं है। बल्कि उसे आत्मनिर्भर बनाना और आजीविका को बढ़ाने का है। उन्होंने कहा कि राज्य में 45000 युवाओं ने स्वरोजगार के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। कोरोना को देखते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य के बाॅर्डर को एकदम नहीं खोला जाएगा। धीरे-धीरे हालात सामान्य किये जाएंगे।
महाकुंभ का आयोजन परंपरागत रूप से होगा
बॉर्डर खोलने पर काफी भीड़ आने को तैयार है, लेकिन अभी सम्भव नहीं है। राज्य को धीरे-धीरे सामान्य की हालत में लाया जाएगा। महाकुंभ का आयोजन परंपरागत रूप से होगा और समय पर ही होगा। फरवरी महीने में अंतिम रूप से इस पर निर्णय लिया जाएगा। अपराध के बारे में उत्तराखंड पुलिस की मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि कई बड़े मामले उत्तराखंड पुलिस ने सुलझाएं हैं।