
देहरादून : केंद्रीय विद्यालयों (केवी) में 9वीं और 11वीं में पढ़ने वाले जो छात्र फेल हो गए हैं। उनको दोबारा परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने ऐसे छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट करने का फैसला लिया है। इसके तहत सभी केंद्रीय विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून के उपायुक्त विनोद कुमार ने बताया कि केविएस ने कोरोना संक्रमण के बीच छात्रों के लिए यह निर्देश जारी किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक के नियमों के हिसाब से 9वीं, 11वीं में अधिकतम दो विषयों में फेल होने वाले छात्रों को अगली कक्षा में जाने के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी होती है। सप्लीमेंट्री में पास होने पर ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जाता है, लेकिन इस बार ये परीक्षा नहीं ली जाएगी। केवीएस ने कोरोना महामारी के मद्देनजर ये फैसला सिर्फ इस साल के लिए लिया है।
केविएस की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, अगर कोई छात्र इन दो कक्षाओं में सभी पांच विषयों में भी फेल होता है तो उसे उसके स्कूल द्वारा प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर जांचा जाएगा और अंक दिए जाएंगे। फिर उसी अंक के आधार पर उस छात्र को अगली कक्षा में प्रमोट भी किया जाएगा।