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कानपुर एनकाउंटर : राहुल को विकास दुबे के घर ले गया था चौबेपुर SO, बना लिया था बंधक!

Breaking uttarakhand newsकानपुर : आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला दुर्दांत अपराधी अब तक पकड़ से बाहर है। उससे जुड़े अब एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं और खास बात यह है कि हर खुलासे के बाद चौबेपुर एसओ ही सबसे बड़ा विलेन नजर आ रहा है। ताजा खुलासा भी उसी को लेकर हुआ है। चौबेपुर पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। चौबेपुर एसओ विकास से पीड़ित राहुल तिवारी की एफआईआर दर्ज करने के बजाए विकास की पंचायत में समझौता कराने को राहुल तिवारी को लेकर गया था। विकास और उसके गुंडों ने पुलिसकर्मियों के असलहे छीनकर बंधक बना लिया था। उसके बाद राहुल को जमकर पीटा था। जान से मारने की धमकी थी। जब उसने विकास की सारी बातें मान लीं तब उसको छोड़ा गया।

राहुल की मां के मुताबिक 27 जुलाई को राहुल शाम को घर लौट रहा था तो विकास और उसके तीन साथियों ने रास्ते में उसको पकड़ लिया और जमकर पीटा। धमकी दी कि अगर जमीन बेचने की सोची तो जान से मार देंगे। राहुल ने पुलिस को तहरीर दी। लेकिन चौबेपुर पुलिस ने सुनवाई नहीं की। दोबारा शिकायत के बाद चौबेपुर के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी ने कहा कि वो मामले की पंचायत करवा देंगे।

एसओ थाने के तीन अन्य पुलिसकर्मियों के साथ राहुल को लेकर विकास के घर पहुंचे। यहां पर विकास के गुंडों ने पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। असलहों के दम पर एक कमरे में बंद कर दिया और राहुल को जमकर पीटा। आखिर में राहुल ने कहा कि वो जैसा कहेंगे वह वैसा ही करेगा। तब उसको पीटना बंद किया। इस घटना के बारे में उसने और चौबेपुर पुलिस ने किसी को नहीं बताया। तब सीओ ने दर्ज कराई थी एफआईआर थी। एसएसपी से अनुमति ली और विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए रवाना हुए थे।

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