
लोहाघाट : कोरोना सैंपलिंग और जांच को लेकर सरकार दावे तो गंभीरता के कर रही है, लेकिन कई छोटी-छोटी बातें ऐसी हैं, जो बड़ी दिक्कतें पैदा कर सकती है। इन गलतियों से बड़ा संकट आ सकता है। मामला किसी आत आदमी का नहीं, बल्कि अस्पताल के एमएस डॉ. मंजीत सिंह के सैंपल का है। सीएमओ ने सैंपल लिए बगैर ही उनकी रिपोर्ट निगेटिव बता दी। जानकारी के मुताबिक एमएस डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. देवेश पांडेय और लैब तकनीशियन दिनेश ओली की कोविड-19 की सैंपलिंग 26 मई को हुई थी।
डॉ. देवेश की ऑनलाइन रिपोर्ट तो आ गई, लेकिन एमएस और लैब तकनीशियन की कथित सैंपलिंग की रिपोर्ट नहीं आई और न ही लंबित मामलों में उनका कहीं नाम है। इसके बावजूद सीएमओ ने एमएस मंजीत की जांच रिपोर्ट निगेटिव बता दी। इससे सीएमओ तो कठघरे में हैं ही, लोगों में भी इससे आक्रोश है। सैंपल लेने वाले डॉ. मनीष बिष्ट का कहना है कि डॉ. देवेश का ही सैंपल लिया गया था।
उनके साथ पंकज सिंह और प्रकाश सिंह के भी सैंपल लिए गए थे, लेकिन एमएस डॉ. मंजीत और लैब तकनीशियन दिनेश का सैंपल नहीं लिया गया था। एमएस का हना है कि वे फिलहाल 14 दिन के लिए क्वारंटीन हैं, लेकिन अस्पताल का काम प्रभावित नहीं हो रहा है। घर से ही अस्पताल का काम किया जा रहा है।