
उत्तरकाशी के नौगांव ब्लाॅक के कोरोना पाॅजिटिव युवक पर हत्या के प्रयास समेत अन्य विभिन्न धराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसका लोग विरोध करने लगे हैं। पिछले दिनों महाराष्ट्र से युवक खुद बस बुक कर ऋषिकेश पहुंचे थे। वहां से उन्होंने दूसरी बस बुक की और उत्तरकाशी पहुंच गए। इससे पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मौजदूगी में की गई।
थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान दो युवकों का तापमान ज्यादा आया था, जिसके बाद उनको स्क्रीनिंग सेंटर से एम्स के लिए रेफर कर दिया गया था। सरकार वाहन से उनको एम्स में लेजाया गया। जहां उनका टेस्ट किया गया। एम्स से युवकों को दो दिन के लिए क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया था। युवक उसके लिए तैयार भी थे, लेकिन पुलिस ने बस का पास बनाकर उनको उत्तरकाशी भेज दिया।
दो दिन बाद युवक की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई। एम्स ने बयान जारी किया था कि उसका फोन बंद है। इससे हड़कंप मच गया। युवक पर ट्रैवल हिस्ट्री छुपाने का भी आरोप लगा है, लेकिन कोरोना पाॅजिटिव युवक ने इससे इंकार किया है। उसका कहना है कि उसका कोई ऐसा मकसद नहीं था कि वो कोई हिस्ट्र छुपाए। ऋषिकेश में पुलिस को पूरी जानकारी दे दी गई थी। उसका यह भी आरोप है कि फोन बंद करने की बात भी गलत है। महाराष्ट्र का सिम काम नहीं कर रहा था, जिस कारण उसने दूसरा सिम लगाया था।
पुलिस और प्रशासन के मुकदमा दर्ज करने पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब ऋषिकेश में पूरी जानकारी दे दी थी, फिर उस पर ट्रैवल हिस्ट्री छुपाने का आरोप क्यों लगाया गया है। आजाद पंचायत के विजयपाल रावत ने कहा कि प्रशासन ने गलत ढंग से मुकदमा किया है। उसे वापस लिया जाना चाहिए।