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उत्तराखंड से बिहार भेजे गए मजदूर, घर वापसी का खर्च भी उन्ही से वसूला गया

उधम सिंह नगर (मोहम्मद यासीन) : जहां लाॅकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों का पलायन रुकने का नाम ही नही ले रहा है तो वहीं उधम सिंह नगर के बाज़पुर में बिहार के लगभग 100 मजदूरों को घर वापसी की गई है। जहां चीनी मिल प्रशासन की ओर से 97 कर्मचारियों को स्क्रीनिंग के बाद बिहार स्थित उनके घरों को रवाना कर दिया है। सभी मजदूरों के चेहरे में इस दौरान खुशी दिखी। वहीं इन प्रवासी मजदूरों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि इन्हें घर वापसी का कोई खर्चा नहीं दिया गया है जो कि सभी ने 2500-2500 रुपये  मजदूर को वहन करना पड़ा है।

बता दें कि उधम सिंह नगर बाज़पुर चीनी मिल के पेराई सत्र में हर वर्ष बिहार, कश्मीर, यूपी के अलग अलग हिस्सों से सीजनल कर्मचारी काम के लिये आते हैं। लाॅकडाउन के कारण चीनी मिल में अनेकों मजदूर फंस गये थे। इससे पहले चीनी मिल प्रशासन द्वारा उच्चाधिकारियों के आदेश पर यूपी के 106, कश्मीर के 18 कर्मचारियों को पहले ही रवाना कर दिया था। मिल प्रशासन ने बिहार के 97 कर्मचारियों को चेकअप के बाद आज उनके घरों को भेज दिया है। अब चीनी मिल में 18 कर्मचारी और रहे गये हैं जिनको वापिस भेजने की तैयारी है।

वहीं घर पहुंचने की खुशी में श्रमिकों ने बताया कि उनके सामने काफी दिक्कत थी क्योंकि परिवार  से वो दूर रह रहे थे। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा उनकी घर वापसी के लिये जो कार्य किया गया है उसके लिये सरकार बधाई की पात्र है।
घर वापसी का खर्च उन्ही से वसूला गया
वहीं एक तरफ़ घर वापसी को लेकर मजदूर खुश हैं तो वहीं दुखी भी हैं। दुख इस बात का इस महामारी के दौरान इस घर वापसी का खर्च उन्ही से वसूला गया है। प्रत्येक मजदुरो से 2500 – 2500 रुपये वाहन का किराया दिया है। प्रशासन ने उनकी इसमे कोई मदद नही की है। चीनी मिल बाज़पुर से काफ़ी बड़ी संख्या में मजदूर आते हैं जो कि यूपी बिहार एवं अन्य जगहों से मजदूर काम करने आते हैं जिससे लॉक डाउन से पहले आये थे उसके बाद लॉक डाउन की बजह से यहीं फंस गए हैं जिसने इनकी घर वापसी की जा रही है। इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर सभी को स्वास्थ्य सर्टिफिकेट देकर रवाना कर दिया है।

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