
नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप और हत्या के चैथे दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पवन ने अपनी अर्जी में कहा था कि वह घटना के वक्त नाबालिग था। इस मामले में उसकी रिव्यू याचिका पहले ही खारिज हो गई थी। 5 जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से पवन की याचिका को खारिज कर दिया। अब पवन के पास सिर्फ दया याचिका विकल्प बचा है। नियमों के अनुसार दया याचिका खारिज होने के बाद भी दोषी को फांसी पर लटकाने से पहले 14 दिन का वक्त मिलता है। फिलहाल मामले को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट में फिर सुनवाई होनी है। उसके बाद साफ हो जाएगा कि फांसी होगी या फिर नहीं।