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दरिंदों ने दलित छात्रा से पहले हैवानियत की, फिर फांसी के फंदे पर लटका दिया!

breaking uttrakhand newsगुजरात के अरावली जिले के मोदसा कस्‍बे में एक दलित छात्रा की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। छात्रा के शव के दूसरे पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई थीं। 5 डॉक्‍टरों के पैनल ने यह र‍िपोर्ट दी है कि छात्रा को घसीटा गया, अननैचरल सेक्स करने के बाद उसे फांसी पर लटका दिया गया। उधर, इस मामले की जांच कर रहे सीआईडी क्राइम के अधिकारियों ने भी कहा कि पीड़‍िता के शरीर पर खरोंच के निशान से संकेत मिलता है कि लड़की को पहले घसीटा गया, फिर रेप करने के बाद हत्‍या कर दी गई।

मलाशय की पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि छात्रा के साथ बेहद क्रूर तरीके से अननैचरल सेक्स किया गया था। दलित छात्रा को 5 जनवरी को उसके गांव में पेड़ से लटकता पाया गया था। पोस्‍टमॉर्टम र‍िपोर्ट में कहा गया है कि मलाशय का एक हिस्‍सा एनल कनाल से बाहर आ गया था। इसके अलावा लाल रंग का असामान्‍य खरोंच चेस्‍ट के बायें हिस्‍से में ऊपरी भाग में पाया गया। यही नहीं छात्रा के बायें कंधे में भी खरोंच के निशान हैं और बायें अंगूठे में चोट पाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक गले पर चोट के न‍िशान से यह पता चलता है कि उसे जबरन फांसी पर लटकाया गया। छात्रा को मारने से पहले हत्‍यारों ने उसे घसीटा था और बाद में उसे फांसी पर लटका दिया। पोस्‍टमॉर्टम की इस दूसरी र‍िपोर्ट ने पहली र‍िपोर्ट पर गंभीर सवाल उठा दिया है जिसमें कहा गया था कि बलात्‍कार या मर्डर के कोई लक्षण नहीं हैं।

पुलिस ने तीन लोगों ने पुलिस के सामने आत्‍मसमर्पण कर दिया है जबकि एक आरोपी सतीश भारवाड अभी फरार चल रहा है। बता दें कि इस हत्‍याकांड के बाद लोगों का गुस्‍सा फूट पड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि 19 वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप करके उसकी हत्‍या की गई है लेकिन, पुलिस आरोपियों को अरेस्‍ट नहीं कर रही है। लड़की के परिवार वालों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस पूरे मामले में गंभीर लापरवाही बरती है।

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