


देहरादून : पिता कारपेंटर हैं। किसी तरह परिवार का गुजर बसर कर रहे हैं लेकिन बेटे को इंजीनियर बनाना चाहते हैं। उनकी इस चाहत को पूरा किया है बेटे आयुष धीमान ने। आयुष ने जेईई मेन में 97.70 परसेंटाइल स्कोर किया है। एनआईटी में सीट लगभग पक्की हो गई है। अब वह आईआईटी की तैयारी में जुट गए हैं। एक और होनहार पिता ठेली पर सब्जी बेचकर परिवार का गुजर बसर करते हैं। आर्थिक हालात आड़े आए लेकिन निशांत मेनवाल ने हार नहीं मानी। जेईई मेन परीक्षा में उन्होंने 90.24 परसेंटाइल स्कोर किया है।कांवली रोड गांधीग्राम निवासी कपिल धीमान के लिए शनिवार का दिन खुशियां लेकर आया। उनके बेटे आयुष ने इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। तीन भाई बहनों में सबसे छोटे आयुष ने बताया कि वह नियमित पढ़ाई करते रहे, जिससे आज यह नतीजा आया है। उन्होंने पिछले साल एसजीआरआर पब्लिक स्कूल तालाब से 95 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की थी। तब जेईई मेन दिया लेकिन 87 परसेंटाइल स्कोर रहा। दोबारा तैयारी शुरू की। उनके शिक्षक अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा ने बताया कि आयुष पहले से ही पढ़ाई को लेकर बेहद संजीदा था। उसने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया है।
जेईई मेन परीक्षा में स्वाति सक्सेना ने 92.19 परसेंटाइल स्कोर किया है। वह एक सामान्य परिवार से हैं। उनके पिता घर पर ही चक्की चलाकर गुजर बसर करते हैं। कांवली रोड गांधीग्राम निवासी कपिल धीमान के लिए शनिवार का दिन खुशियां लेकर आया। उनके बेटे आयुष ने इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। तीन भाई बहनों में सबसे छोटे आयुष ने बताया कि वह नियमित पढ़ाई करते रहे, जिससे आज यह नतीजा आया है।