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बंशीधर भगत के सिर सजा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का ताज, ये रहा राजनीतिक सफर 

Breaking uttarakhand newsदेहरादून : देहरादून के भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल है। जी हां क्योंकि आज उत्तराखंड संगठन को नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। सर्वसम्मति से बंशीधर भगत के नाम पर मुहर लगाई गई औऱ उनको प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी दी गई। वहीं अब प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी मिलने के बाद 2022 में जीत हासिल करने की जिम्मेदारी भी उनक पर आ गए है।

राजनैतिक करियर

बता दें कि बंशीधर भगत अब तक 6 बार विधायक चुनें जा चुके हैं। वर्ष 1975 में अटल बिहारी वाजपेयी जी से प्रेरित होकर बंशीधर भगत ने जनसंघ पार्टी जॉइन की। इसके बाद उन्होंने किसान संघर्ष समिति बनाकर राजनीति में प्रवेश किया। राम जन्म भूमि आंदोलन में वह 23 दिन अल्मोड़ा जेल में रहे। वर्ष 1989 में उन्होंने नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के जिला अध्यक्ष का पद संभाला।

पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में नैनीताल से विधायक बने

वहीं इसके बाद साल 1991 में वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में नैनीताल से विधायक बने। फिर 1993 व 1996 में तीसरी बार नैनीताल के विधायक बने। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य एंव रसद राज्यमंत्री, पर्वतीय विकास मंत्री, वन राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद वह उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री रहे।

2007 में हल्द्वानी विधानसभा वह चौथी बार विधायक बने

वहीं साल 2007 में हल्द्वानी विधानसभा वह चौथी बार विधायक बने। उत्तराखंड सरकार में उन्हें वन और परिवहन मंत्री बनाया गया। इसके बाद 2012 में परिसिमन कालाढूंगी विधानसभा से उन्होंने फिर विजय प्राप्त की। फिर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 6ठी जीत दर्ज की।

वन परिचय नाम: बंशीधर भगत 

जन्म: 08 अगस्त 1951 (भक्यूड़ा -भीमताल)

निवास: लोहरियाताल, हल्द्वानी

शिक्षा : हाईस्कूल

राजनीतिक सफर 

-1970 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े

-1975 में जनसंघ के सदस्य

-1989 में भाजपा के नैनीताल

– ऊधमसिंहनगर के जिलाध्यक्ष बने

-1991 में पहली बार नैनीताल से विधायक

-1993 में उप्र में राज्यमंत्री वन

-1996 में खाद्य, रसद एवं पर्वतीय विकास मंत्री

-2000 में उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में कैबिनेट मंत्री

-2007 में कैबिनेट मंत्री

-2012 व 2017 में विधायक

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