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उत्तराखंड : पत्रकारिता छोड़ गांव का किया रुख, फिर पत्नी बनीं प्रधान

Breaking uttarakhand newsपिथौरागढ़ : सरकार पलायन को रोकने के लिए लाख दावे करती है और पलायन आयोग का गठन भी किया गया है लेकिन इसपर जमीनी तौर पर काम किया युवा पत्रकार गोविंद सिंह बिष्ट ने. जी हां गोविंद सिंह बिष्ट ने नौकरी छोड़ गांव का रुख अपनाया और पत्नी को प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ाया जिसमे उनकी पत्नी ने जीत हासिल की.

आपको बता दें कि पत्रकार(कैमरामैन) गोविंद सिंह और उनकी पत्नी ने शहर की नौकरी छोड़कर अपने गांव गंगोलीहाट का रुख किया और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जीत हासिल कर गांव के विकास के बारे में सोचा. गोविंद सिंह बिष्ट की पत्नी पढ़ी लिखी हैं और शहर में नौकरी भी कर रही थी लेकिन मन ने गांव के विकास की ठानी और गोविंद की पत्नी ने गंगोलीहाट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर प्रधान बनीं।

बता दें कि गंगोलीहाट निवासी गोविंद सिंह बिष्ट 15 साल से शहरों में थे और वो 15 सालों तक मुंबई-देहरादून में अलग-अलग न्यूज चैनलों में बतौर कैमरामैन में काम कर चुके हैं। इतना ही नहीं 5 साल तक देहरादून रहकर भी उन्होंने पत्रकारिता की. पलायन की रोकथाम के लिए गोविंद औऱ उनकी पत्नी ने गांव का रुख किया और प्रधान का चुनाव लड़ा. गोविंद की पत्नी ने अपने विपक्षी को 27 वोटों से हराया। इस मौके पर गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी गांव को आदर्श गांव बनाना चाहते हैं। गांववालों ने भी हमें समर्थन दिया। उन्होंने जो भरोसा हम पर जताया है, उसे हम टूटने नहीं देंगे। गांव का विकास ही हमारी पहली प्राथमिकता है।

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