
देहरादून : उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार जीरो टाॅयरलेंस की निति पर काम कर रही है,जहां पर त्रिवेंद्र सरकार को भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है सरकार तुरंत एक्शन लेती है और कई मामलों पर ऐसा हुआ भी,भ्रष्टचार से सम्बधित एक ऐसा मामला सरकार के संज्ञान में लाने जा रहे है जिस पर सरकार का ध्यान नहीं है,उम्मीद है यदि सरकार ने मामले में संज्ञान लिया तो अवैध कमाई पर रोक लगाई जा सकती है जिससे वाहन स्वामी पीड़ित है।
जी हां मामला एनएच 72 का है जहां पर जिला पंचायत देहरादून के नाम से अवैध वसूली की जा रही है। देहरादून-हिमाचल राष्ट्रीय राजमार्ग पर हर्बटपुर धर्मावाला के पास कई सालों से जिला पंचायत देहरादून के नाम से ठेकेदार टैक्स वसूल रहे हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है। गलत इसलिए है क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला पंचायत टैक्स वसूल नहीं कर सकता है और इस बात को राष्ट्रीय राजमार्ग ने भी माना है.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला पंचायत टैक्स नहीं ले सकता-एनएच अधिशासी अभियंता
एनएच के अधिशासी अभियंता जीत सिंह रावत का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला पंचायत टैक्स नहीं ले सकता है और अगर ऐसा किया जा रहा है तो वह इसको लेकर कार्रवाई करेंगे। दून डंफर जनकल्याण समिति ने खोला मोर्चा हर्बटपुर, धर्मावाला के पास जिला पंचायत देहरादून के ठेकेदार के द्धारा टैक्स वसूलने के खिलाफ दून डंफर जनकल्याण समिति ने र्मोर्चा खोला दिया है. समिति ने आरटीआई में जानकारी प्राप्त कर मोर्चा खोला।
समिति के अध्यक्ष अनिल पाण्डेय का कहना कि पहले से ही वह टैक्स न देने का विरोध कर रहे थे लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला पंचायत की चैक पोस्ट पर सभी वाहनों से डरा धमकाकर टैक्स वसूला जा रहा है,जो कि गलत है…क्योंकि नियमों के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला पंचायत टैक्स नहीं वसूल सकता है. मामले की शिकायत सहसपुर थाने के साथ, राष्ट्रीय राजमार्ग को भी कर दी है। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर वह इस मामले की शिकायत करने वाले हैं। क्योंकि लदान और ढुलान करने वाले वाहनों को बेवजह परेशान कर टैक्स लिया जा रहा है।