8 साउथ इण्डियन टप्पेबाज चढ़े दून पुलिस के हत्थे, तमिलनाडू से लेकर आते थे ट्रेनिंग

देहरादून- देहरादून में टप्पेबाजों द्वारा लगातार हो रही ताबड़तोड़ चोरियों के आरोपियों तक पहुंचने में दून कोतवाली पुलिस औऱ एसओजी की टीम को सफलता हाथ लगी. पुलिस और एसओजी की टीम ने सघन टैकिंग के दौरान रेलवे स्टेशन से साउथ इण्डियन तमिलनाडु गैंग के 8 युवकों गिरफ्तार किया साथ ही ढाई लाख की कीमत का चोरी का सामान भी बरामद किया. गैंग का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बताया कि ये गैंग पार्क या सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों पर नजर गड़ाए रहते थे और गाडियों के शीशे तोड़कर कीमती माल पर हाथ साफ कर देते थे. आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं ने पुलिस के भी कान खड़े कर दिए थे.

थाना पुलिस और एसओजी की टीम गठित

आपको बता दें थाना कोतवाली नगर, डालनावाला थाना औऱ राजपुर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ पीड़ितों ने मुकदमा दर्ज कराया था. वहीं घटना को गम्भीरता को देखते हुये एसएसपी ने पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर के साथ डालनवाला क्षेत्राधिकारी के निर्देशन और पर्वेक्षण में थाना पुलिस और SOG की संयुक्त टीम गठित की.

सीसीटीवी फुटेज के साथ सघन चैकिंग

जिस पर तत्परता दिखाते हुए टीम ने हर चोरी हुई जगहों के सीसीसटीवी फुटेज खंगाले. सघन चैकिंग अभियान के साथ-साथ पुलिस ने होटलों और धर्मशालाओं में भी चैकिंग की.. सीसीटीबी फुटेज खंगालने औऱ सबूतों के आधार पर पुलिस को साउथ इण्डियन तमिलनाडु गैंग पर शक हुआ. जिसके बाद सर्विलांस की मदद से थाना पुलिस व SOG टीम ने अलग-अलग छापेमारी की.

शुक्रवार को पुलिस को इसी साउथ इण्डियन गैंग के शहर के रेलवे स्टेशन में घूमने की खबर दी. जिसके बाद पुलिस और एसओजी की टीम ने रेलवे स्टेशन के आस-पास संघन चैकिंग की और उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की. शातिर अन्तर्यराज्यी टप्पेबाजों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया.

तमिलनाडू से ट्रेनिंग लेकर यहां आए चोरी करने

पूछताछ करने पर बताया गया कि इनका मेनं लीडर दीपू है जिसने इस गैंग का गठन किया था. आपको बता दें ये आरोपी गाडी का शीशा तोडनें के लिये रबड बैंड व हेयर पिन से गुलेल बनाकर और बैयरिंग की लोहे की छोटी गोलियों का इस्तमाल करते थे. ये गैंग 17 मार्च को तमिलनाडु से ट्रेन तमिलनाडु एक्सप्रेस से चले व सोमवार को आगरा पहुंचे थे औऱ उसी दिन आगरा से बस से हरिद्वार के लिये रवाना हुये. 21 मार्च को ये गैंग हरिद्वार से देहरादून के लिये बस रवाना होकर देहरादून पहुंचे. और आते ही सबसे पहले एस्लेहाल में चोरी की अंजाम दिय. औऱ इसके बाद एक के बाद एक चोरी की घटनाओं को अंजाम देते रहे.

गैंग ने पूछताछ में बताया गया कि यह चेन्नई, आगरा, दिल्ली ,हरियाणा, चण्डीगढ, लुधियाना, अमृतसर, उत्तराखण्ड के हरिद्वार, रुडकी व देहरादून में पूर्व में भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुकें हैं इन चोरियों में जो भी माल मिलता है यह सब उसको आपस में बाट लेते हैं और वापस तमिलनाडु जाकर सस्ते दामों में बेच देतें हैं.

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