शिक्षक भर्ती में बड़ा खुलासा : राष्ट्रपति का नाम नहीं बता पाया टॉपर, औऱ नंबर आए 150 में से 142

69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। 150 में 142 नंबर लाने वाले टॉपर धर्मेंद्र कुमार पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार किया जिसे राष्ट्रपति का नाम तक नहीं पता है। जी हां गिरफ्तार कर लाए गए आरोपी धर्मेंद्र से जब एएसपी ने राष्ट्रपति का नाम पूछा तो वो राष्ट्रपति तक का नाम नहीं बता पाया जिससे साफ है कि कैसे धर्मेंद्र ने टॉप किया होगा।

69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती घोटाले में अभ्यर्थियों गिरफ्तार

आपको बता दें कि 60 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में आईएएस-पीसीएस परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी तक 130 नंबर ला पाए लेकिन धर्मेंद्र ने 142 अंक प्राप्त किए। एएसपी अशोक वेंकटेश ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती घोटाले का खुलासा करते हुए बताया कि इस घोटाले में धर्मेंद्र, विनोद समेत तीन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है।

टॉपर को नहीं पता राष्ट्रपति का नाम

हैरानी तो तब हुई जब एएसपी ने धर्मेंद्र से देश के राष्ट्रपति  का नाम पूछ लिया। जी हां एएसपी ने आऱोपी से पूछा की देश का राष्ट्रपति कौन है? तो वह इसका जवाब नहीं दे सका। इसके बाद सामान्य ज्ञान के सवाल के भी वो जवाब नहीं दे पाया। एएसपी ने बतायाकि आरोपी खामोश रहा जिससे साफ है कि कैसे इस सहायक शिक्षक भर्ती में घोटाला किया औऱ टॉपर आया है।

डायरी में 20 अभ्यर्थियों के नाम आए सामने

एएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से मिली डायरी में 20 अभ्यर्थियों के नाम सामने आए। इनमें 18 का चयन होने का पता चला है। अभी सिर्फ तीन पकड़े गए हैं। अन्य 17 की तलाश की जा रही है। उनके बारे में पता लगाया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद बाकी चीजें सामने आ सकेंगी।

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने परिणाम आने के बाद से ही धांधली का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि फूलपुर, सोरांव, बहरिया आदि क्षेत्रों के अभ्यर्थियों ने सबसे ज्यादा अंक पाए हैं। आरोप था कि लगभग 34 अभ्यर्थियों ने 140 नंबर पाए जबकि टीईटी के दौरान 70 से 80 अंक थे। आरोप लगाया था कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. कृष्ण लाल पटेल ने अपने करीबियों को फर्जीवाड़ा करके ज्यादा नंबर दिलाए हैं। इसमें पेपर आउट से लेकर कई तरह की सेटिंग का आरोप लगाया था।

धर्मेन्द्र कुमार पटेल का शैक्षिणिक रिकॉर्ड

हाईस्कूल          यूपी बोर्ड                       1999         45.16 प्रतिशत

इंटर                यूपी बोर्ड                       2003        51.6 प्रतिशत

स्नातक   संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी     2007        56.77 प्रतिशत

बीएड     संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी      2012        57.1 प्रतिशत

टीईटी     परीक्षा नियामक प्राधिकारी            2018        126 अंक (150 में)

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