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उत्तराखंड में चीनी और नमक पर मिलेगी 50 प्रतिशत की सब्सिडी, आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा प्रस्ताव, पढ़िए क्या है सरकार का प्लॉन

आज प्रदेश की खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले की मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा, देहरादून स्थित कार्यालय कक्ष में खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में बैठक की। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।

चीनी और नमक पर मिलेगी 50 प्रतिशत की सब्सिडी

बैठक में अन्तोदय और पीएचएच कार्ड धारकों को प्रतिमाह प्रति कार्ड 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ दो किलो चीनी और एक किलो नमक दिए जाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही राशन डीलरों को प्रतिकार्ड एक प्रतिशत का लाभांश दिए जाने व मुफ्त तीन रिफिल सिलेंडर विषय पर चर्चा हुई।

खाद्य मंत्री ने कहा कि पूर्व के बजट में हम लोगों ने कुछ चीजों का प्रावधान किया था, जिसमें नमक व चीनी शामिल थी। आखिरकार उसको लेकर विभाग ने क्या तैयारी की है और प्रस्ताव कहां तक पहुंचा है इस बारे में समीक्षा बैठक की गई है।

विभाग को दिए गए प्रस्ताव बनाने के निर्देश

खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विभाग को नमक और चीनी का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। इसके तहत अन्तोदय और पीएचएच राशनकार्ड धारकों को प्रतिमाह दो किलो चीनी और एक किलो नमक 50 प्रतिशत सब्सिडी पर दी जाएगी।

प्रतिकार्ड राशन डीलर को प्रति किलो एक रूपए का मिलेगा लाभांश

साथ ही साथ इस बैठक में प्रतिकार्ड प्रति राशन डीलर को प्रति किलो एक रूपए का लाभांश दिए जाने का प्रस्ताव बनाने निर्देश दिए गए हैं। जिसे भी जल्द कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। खाद्य मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हमारे राज्य के गरीब तबके के लोग निश्चित रूप से 50% की सब्सिडी का लाभ प्राप्त करेंगे। जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

मुफ्त तीन गैस रिफिल सिलेंडर का बढ़ रहा है क्रम

वहीं साल में अन्तोदय परिवारों को दिए जाने वाले मुफ्त तीन गैस रिफिल सिलेंडर पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी प्रगति जारी है। प्रचार- प्रसार से गैस रिफिल का क्रम बढ़ रहा है। वर्तमान में अन्तोदय के 1 लाख 76 हजार परिवार इससे जुड़े हुए हैं।

जिसमें से एक लाख 36 हजार परिवार गैस रिफिल करा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने विभाग को इस बात का परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं कि प्रति जनपद ऐसे कितने परिवार हैं जो लोग गैस रिफिल नही करा रहे हैं। किन कारणों से गैस की रिफलिंग नही करा रहे हैं।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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