टिहरी झील में 4 करोड़ पहले डूबे, 9 लाख और डूबेंगे, तब बचेगी मरीना

टिहरी: झील में मई माह में डूबी फ्लोटिंग मरीना बोट को निकालने की कवायद अब शुरू हो गई है। इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है। लोनिवि ने मरीना को बाहर निकालने के लिए 9 लाख रुपये का अनुमानित खर्च बताया था, जिसे लोनिवि को जारी कर दिया गया है। लोनिवि की मानें तो एक माह के भीतर मरीना को संचालन की स्थिति में लाया जाएगा।

खास बात ये है कि टिहरी झील में 2015 में चार करोड़ से फ्लोटिंग मरीना उतारा गया था। उस कैबिनेट की बैठक भी की गई थी, लेकिन उसके बाद सरकार ने 4 करोड़ की मरीना बोट को ऐसे ही बदहाल छोड़ दिया। जिससे बोट पिछले दिनों झील में आधी डूब गई। अब झील को बाहर निकालने के लिए 9 लाख और खर्च किए जाएंगे।

मरीना को पहले की स्थिति में लाने के लिए झील की खुदाई करनी होगी। इसके अलावा प्लेट फार्म भी बनाना होगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने लोनिवि को प्रस्ताव भेजा था। इस पर करीब नौ लाख रुपये खर्च आने का अनुमान लगाया गया था। जिलाधिकारी टिहरी के पास करीब 50 लाख रुपये इस मद में जमा थे। इस पर शासन के निर्देश पर टिहरी के जिलाधिकारी ने इस काम के लिए बजट जारी कर दिया है।

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