मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र और दिल में फौजी पति के लौटने की उम्मीद

देहरादून : ये तस्वीर जो आप एक दुखी महिला की देख रहे हैं वो हैं उत्तराखंड से भारतीय सेना के लापता जवान राजेंद्र नेगी की पत्नी जो गले में मंगलसूत्र, हाथ में चूड़ियां, माथे में लाल बिंदी और माथे में सिंदूर लगाए लापता फौजी की पत्नी को आज भी पति के लौटने की आस है, उम्मीद है। भले ही मन में दुख है, शंका है और कई सवाल उमड़ रहे हैं कि आखिर उसका सुहाग कैसा होगा? कहां होगा? और कब लौटेंगे? लेकिन ये आस टूटती भी जा रही है।

बार बार पति को याद कर आंसू बहा रही पत्नी

जी हां बता दें कि आज सीएम के ओएसडी धीरेंद्र पंवार आज लापता जवान के अंबीवाल स्थित घर पहुंचे और उनकी पत्नी से मिले। परिवार से मिल उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया साथ ही चेक भी सौंपा. लापता जवान की पत्नी की हालत दयनीय है। बस बार बार पति को याद कर आंसू बहा रही है। परिवार वाले और पड़ोसी उसे दिलासा दे रहे हैं कि राजेंद्र ठीक होगा औऱ जल्द लौटेगा औऱ इसी आस में पत्नी बैठी है।

पति को उम्मीद, एक दिन उसका फौजी पति जरुर लौटेगा

परिवार और पूरा उत्तराखंड लापता जवान की वापसी की मांग केंद्र सरकार से लगा रहा है लेकिन कोई सुध अभी तक नहीं ली गई। लोग चाहे कुछ भी रहें लेकिन जवान की पत्नी सुहाग का फर्ज अदा किए बैठी है कि एक दिन उसका फौजी पति जरुर लौटेगा। पत्नी मांग में सिंदूर, माथे पर लाल बिंदी, गले में मंगलसूत्र पहने पति के लौटने का इंतजार कर रही है। हम आशा करते हैं कि जल्द लापता जवान राजेंद्र देवभूमि अपने घर लौटेंगे और बच्चे पत्नी और परिवार खुशी से फूले नहीं समाएंगे। हम लापता जवान की सकुशल वतन वापसी की प्रार्थना करते हैं।

पिता चलाते हैं चाय की दुकान, तीन बच्चों के पिता हैं राजेंद्र

सेना ने जानकारी दी है कि देहरादून के अंबीवाला स्थित सैनिक कॉलोनी निवासी 11वीं गढ़वाल राइफल्स के जवान हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी 8 जनवरी को पाकिस्तान सीमा पर स्थित अनंतनाग में बर्फ पर फिसलकर लापता हुए। 9 जनवरी को परिवार को इसका पता लगा। इसके बाद से परिवार वाले परेशान हैं। घर पर हवलदार राजेंद्र की पत्नी राजेश्वरी देवी और उनके तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजेंद्र के माता-पिता चमोली जिले में गैरसैंण के पास पंजियाणा में रहते हैं। 36 वर्षीय राजेंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता रतन सिंह नेगी पैतृक गांव में ही चाय की दुकान चलाते हैं, जबकि, उनकी माता भागा देवी और तीन भाई भी गांव में ही रहते हैं। राजेंद्र सिंह के दो बेटियां अंजलि और मीनाक्षी 8वीं और 4थी कक्षा में पढ़ती हैं। जबकि बेटा प्रियांश 6ठी कक्षा में है।

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