देहरादून ब्रेकिंग : यूपी और मुम्बई पुलिस को दिया चकमा लेकिन उत्तराखंड पुलिस से बच न पाया

देहरादून : एक शातिर दो राज्यों की पुलिस को चकमा दे गया लेकिन उत्तराखंड पुलिस को चकमा न दे पाया। जी हां यूपी के आजमगढ़ से मुम्बई पुलिस की हिरासत से फरार और 25000 रुपये का इनामी शातिर आऱोपी को देहरादून की राजपुर पुलिस और एसओजी की टीम ने दबोच लिया। साथ ही आरोपी के पास से पुलिस ने 315 बोर तमंचा और कारतूस भी बरामद किया। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी पर अलग-अलग राज्यों में 22 मुकदमे दर्ज हैं जिसमे धोखाधड़ी, लूट, हत्या का प्रयास समेत कई अभियोग पंजीकृत हैं।

फ्लैट को बेचने की शिकायत पर लिया एक्शन

बता दें कि देहरादून एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों व एसओजी टीम को वांछित और इनामी आऱोपियों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिए थे। जिसमे सभी थाना पुलिस और एसओजी की टीम काम कर रही थी। वहीं 2 जनवरी को सावित्री सिंह पत्नी मनोज सिंह ठाकुर नि0 188 होटल ग्रीन व्यू के पीछे फ्लैट, थाना राजपुर ने सुनील मल्होत्रा और अन्य के विरूद्ध आपराधिक षडयन्त्र रचकर उनके फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वादिनी के मालसी स्थित फ्लैट को बेचने की शिकायत पुलिस से की। जिसकी जांच के दौरान सामने आया कि वादिनी के पति मनोज सिंह ठाकुर ने सुनील मल्होत्रा के साथ आपस में साठगांठ कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर मालसी स्थित फ्लैट को सुनील मल्होत्रा को बेचकर करीब 98 लाख रुपये पाए। मनोज सिंह ठाकुर का बयान जरुरी होने के कारण मनोज सिंह ठाकुर की तलाश शुरु की गई। तो जानकारी मिली कि मनोज सिंह ठाकुर मूल रूप से जनपद आजमगढ़ उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और बचपन से ही मुम्बई में रह रहा है।

यूपी और मुंबई पुलिस की गिरफ्त से फरार हुआ था आऱोपी

मनोज सिंह ठाकुर के संबंध में जानकारी इक्ट्टा करने के लिए पुलिस ने एसओजी को इस मामले की जानकारी दी। थाना पुलिस और एसओजी द्वारा संयुक्त रूप से उक्त व्यक्ति के संबंध में मुम्बई और उत्तरप्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया। इसी दौरान 11 फरवरी को पुलिस अधीक्षक नगर देहरादून को मुम्बई पुलिस से जानकारी मिली कि मनोज सिंह ठाकुर नाम का एक आरोपी जनपद आजमगढ से मुम्बई पुलिस की हिरासत से फरार हो गया है, जिसके विरुद्ध मुम्बई व आजमगढ़ उत्तर प्रदेश में संगीन धाराओ में करीब 20 अभियोग पंजीकृत हैं और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा 25000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। मुम्बई पुलिस ने ये भी बताया कि आरोपी हो सकता है देहरादून में अपनी पत्नी व बच्चों से मिलने आए।

दून पुलिस और एसओजी ने ऐसे बिछाया जाल

इसी को देखते हुए दून पुलिस और एसओजी द्वारा जाल बिछाया गया औऱ टीमों द्वारा सभी होटलों में आरोपी की तलाश की गई। इसी के साथ ही आनलाइन बुकिंग के माध्यम से बुक किये गये होटलों का रिकार्ड खंगाला गया औऱ आजमगढ़ समेत मुम्बई पुलिस से सम्पर्क कर सारी जानकारी ली गई जिसके बाद पुलिस को मुखबिर की सूचना मिली कि आऱोपी को कचहरी के पास देखा गया है। जानकारी मिली की आरोपी अपने परिवार वालों से मिलने जाएगी जिसके बाद एसओजी प्रभारी औऱ थानाध्यक्ष राजपुर की संयुक्त टीम ने आरोपी के घर जाने वाले रास्ते पर जोहड़ी तिराहा मंसूरी रोड पर निगरानी रखते हुए संदिग्ध गाड़ियों की चैकिंग की और आऱोपी को गिरफ्तार किया गया.

आऱोपी ने खुद को मनोज ठाकुर होने से किया इंकार

पहले तो आऱोपी ने खुद को मनोज ठाकुर होने से इंकार किया लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मनोज सिंह ठाकुर बताया और बताया कि वह 11 फरवरी 2020 को पेशी से लौटते वक्त आजमगढ़ से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। आरोपी के पास से एक अदद 315 बोर देशी तमंचा और 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए।वहीं इसके बाद दून पुलिस ने आजमगढ़ पुलिस और मुंबई पुलिस को इसकी सूचना दी। डीआईजी ने टीम की प्रशंसा की औऱ अधिकारियों-कर्मचारियों की पीठ थपथपाई।

आऱोपी का नाम पता

मनोज सिंह ठाकुर पुत्र स्व. रघुपति सिंह नि0 बी 806 यूनिक हाइट, पुनम गार्डन मीरा रोड, ईस्ट, ठाणे, महाराष्ट्र, मूल पता- ग्राम आमगाव थाना दीदारगंज, जिला आजमगढ़, उत्तर प्रदेश। हाल पता- 188 होटल ग्रीन वयू के पीछे, फ्लैट, मालसी, मंसूरी रोड, थाना राजपुर, देहरादून (उम्र 41)

बरामदगी का विवरण
1- एक अदद 315 बोर देशी तमंचा
2- दो जिंदा कारतूस 315 बोर।
3- 2100 रुपये नगद।
4- एटीएम कार्ड (इंडियन ओवरसीज बैंक)
5- दो मोबाइल फोन।

पूछताछ में किया खुलासा, बड़े-बड़े नेताओं से था संबंध

पूछताछ में आरोपी ने बताया गया कि वो मूल रूप से यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला हूं। जिसके पिता मुंबई में रेलवे में अधिकारी थे और वो बचपन से मुंबई में रहा। आऱोपी ने साल 2002 मुंबई यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है औऱ उसके बाद मुंबई से जर्नलिज्म का कोर्स किया। बताया कि राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ने के बाद उसने साल 2008 से 2012 तक महाराष्ट्र में लालू प्रसाद यादव की जनता दल पार्टी का प्रदेश प्रवक्ता रहा, उसके बाद वर्ष 2012 से 2014 तक महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी का प्रदेश महासचिव, तत्पश्चात विलासराव देशमुख के समय पर महाराष्ट्र में समन्वय समिति का सदस्य भी रहा। समाजवादी पार्टी से जुड़े होने के कारण वर्ष 2016 में आजमगढ़ के मार्टीगंज क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख चुना गया लेकिन साल 2018 में अविश्वास प्रस्ताव आने पर उसे पद से हटा दिया गया।

यूपी और महाराष्ट्र में दर्ज कई मुकदमे, हाथ नहीं लग पाया

आऱोपी ने बताया कि उसके विरुद्ध यूपी में आजमगढ़ व वाराणसी में रेलवे में नौकरी दिलाने और महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को आवास दिलाने के संबंध में आर्थिक अपराध शाखा में धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने उसे 26 सितंबर 2019 को ठाणे से गिरफ्तार किया गया था और 10 फरवरी को मुम्बई पुलिस मुझे वाराणसी में पंजीकृत धोखाधड़ी के अभियोग के संबंध में वाराणसी कोर्ट में पेशी के लिए लायी थी, वहां से कोर्ट में पेशी के पश्चात आऱोपी ने अपनी मां की बीमारी का बहाना बनाकर मुंबई पुलिस को अपने साथ आजमगढ़ चलने के लिए राजी किया और आजमगढ़ पहुँचने के बाद किसी तरह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। आजमगढ़ से फरार होने के बाद वो वहां से किसी तरह छुपते-छुपाते ट्रेन के जरिये लखनऊ पहुँचा और वहां से बस पकड़कर 14 फरवरी को देहरादून आ गया, क्योंकि मेरी बीवी व बच्चे देहरादून में ही रहते थे तथा लंबे समय से मेरा उनसे कोई किसी प्रकार से कोई संपर्क नहीं हो पाया था तो मैं उनसे मिलने के लिये ही देहरादून आया था, देहरादून पहुंचने के बाद में पुलिस से बचने के लिये छोटे-छोटे होटलों में छुपकर रह रहा था तथा अपने परिवार से मिलने का प्रयास कर रहा था लेकिन परिवार से मुलाकात नहीं हो पाई और आज भी वो अपने परिवार से मिलने जा रहा था लेकिन पुलिस ने दबोच लिया।

पुलिस टीम

1- पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे
2- सीओ डालनवाला विवेक कुमार
3- अशोक राठौड़ थानाध्यक्ष राजपुर
4- उप. निरी योगेश पांडेय
5- उप. निरी. नीरज त्यागी
6- कां अमित भट्ट
7- कानि राकेश डिमरी
8- कानि अमित कुमार
9- कां चालक महावीर सिंह

एसओजी टीम
1-प्रभारी एसओजी ऐश्वर्य पाल
2-कानि ललित कुमार,
3- कानि देवेंद्र,
4- कानि अरशद अली,
5- कानि विपिन,
6- कानि0पंकज, प्रमोद, आशीष, अमित, देवेंद्र ममगई,

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