
लॉकडाउन के कारण अब लोगों का सब्र का बांध टूटने लगा है। खास तौर पर मजदूरों का जो कि मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। बात करें उत्तराखंड की तो पिथौरागढ़ के धारचूला में करीब एक हजार से ज्यादा नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। जिनके सब्र का बांध टूटने लगा है। जी हां अब नेपाली मजदूर अपने घर लौटने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
11 नेपाली मजदूरों ने लगाई नदी में छलांग
अपने देश वापस जाने की चाहत में नेपाली मजदूर भारत-नेपाल सीमा नहीं खुलने पर उफनती काली नदी का पार कर जान जान जोखिम में डाल रहे हैं। बड़ी संख्या में नेपाली मूल के मजदूर उफनती काली नदी में उतरकर पर नेपाल सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा को सील किया गया है। जिसके चलते नेपाल जाने का काली नदी को पार जान का दूसरा कोई रास्ता नहीं बचता है। जी हां सोमवार को धारचूला में 11 नेपाली मजदूरों ने छारछुम और न्याबस्ती से महाकाली नदी में छलांग लगा दी औऱ तैरकर नेपाल जाने की कोशिश करने लगे लेकिन एसएसबी की सख्ताई से वो पकड़े गए।
एसएसबी की गश्त टीम ने पकड़ा
जी हां एसएसबी की गश्त टीम ने 7 नेपालियों को पकड़ लिया औऱ बलुवाकोट थाना पुलिस को सौंपा। वहीं चार नेपाली नदी पार कर नेपाल पहुंचने में सफल रहे। दार्चुला नेपाल प्रशासन ने चारों नेपालियों को क्वारंटीन कर दिया है।