उत्तराखंड में हत्या का खुलासा : दोस्त निकला हत्यारा, बीवी को भड़काया, गुस्से में काट डाला धड़ और हाथ

काशीपुर में उत्तराखंड से सटे यूपी बॉर्डर के क्षेत्र पर पुलिस को कई दिन से लापता युवक का धड़ और हाथ कटा शव मिला था। वहीं पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसी का दोस्त निकला। दोस्त ने किसी के साथ मिलकर अपने ही दोस्त की हत्या की और दलदल में दबा दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बुधवार को ही यूपी के थाना टांडा चौकी दड़ियाल स्थित रजपुरा डैम से सिर और हाथ कटा शव बरामद कर लिया था। हत्यारोपिताें ने बताया कि शव के पास ही उन्होंने हाथ, सिर और कपड़ाें को बोरे में भरकर पास में ही फेंक दिया था। हत्या में प्रयुक्त आलाकतल और मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है।

एसपी काशीपुर ने गुरुवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि धीमरखेड़ा जोशी का मंझरा निवासी विशाल (21) पुत्र राजकुमार काशीपुर नगर निगम में संविदा सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत था। 18 नवंबर की सुबह वह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। लेकिन उसके बाद उसका पता नहीं चला। उसके पिता की तहरीर पर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। सीसीटीवी खंगाले गए तो पता चला कि वह अपने दोस्तों ग्राम तेलीपुरा (रामपुर) निवासी संदीप और धीमरखेड़ा निवासी सचिन उर्फ नन्नू के साथ निकला था.

विशाल की हत्या करने का जुर्म कुबूला

हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने विशाल की हत्या करने का जुर्म कुबूल लिया। उन्होंने बताया कि विशाल की हत्या के बाद उसका शव यूपी के थाना टांडा चौकी दड़ियाल स्थित रजपुरा डैम में दबा दिया था। हत्या करते समय उन्होंने विशाल का दायां हाथ और सिर भी धड़ से बलग कर दिया था। हत्यारों ने धड़ डैम के पास रेत में दबा दिया था, सिर, हाथ और कपड़े बोरे में रखकर वहीं पास में फेंक दिए। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने सिर कटा शव बरामद कर लिया। जिसके बाद दोनों युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया।

इसलिए उतारा मौत के घाट

पूछताछ में संदीप ने बताया कि हम नशे के आदी थे। लेकिन विशाल बाद मुझे नशेड़ी कहकर चिढाने और बदनाम करने लगे। वह मेरी पत्नी से भी मेरी बुराई कर उसे भड़काता था। उसने मेरी पत्नी से कहा था कि इससे बेहतर तो तुम्हारा पहला पति था। इन सब बातों को लेकर मेरे मन में ये बात घर कर गई थी मेरी पत्नी मुझे छोड़ सकती है। लिहाजा मैंने मेरे दोस्त सचिन ऊर्फ के साथ मिलकर उसकी हत्या करने की साजिश रची। जिसके बाद 18 नवंबर को मैंने और सचिन ने उसे धीमरखेड़ा बुलाया और अपनी बाइक पर बिठाकर राजपुरा डैम ले गए। जहां पाटल से उसकी हत्या कर दी और शव को दलदल में दबा दिया।

विशाल भी नशे का आदी था

जानकारी मिली है कि विशाल भी नशे का आदी था। उसे पहले नशा मुक्ति केंद्र भेजा जा गया था। वहां से आने के बाद वह दोनों हत्यारोपियों के साथ मिलकर फिर से नशा करने लगा। आरोप है कि परिजनों की नाराजगी पर विशाल नशा कराने के लिए आरोपियों को जिम्मेदार बताता था। इस पर विशाल के परिजन आरोपियों से झगड़ते थे। बता दें कि विशाल अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था।

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