उत्तराखंड में कहीं पत्नी तो कहीं बेटे ने संभाला मोर्चा, क्या जीतेंगे चुनावी रण?इन सीटों पर सबकी नजर

देहरादून : कल यानी की 14 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए मतदान है। उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटों के लोग प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव प्रचार भी बीते दिन थम गया। बात करें उम्मीदवारों की तो चुनाव के मैदान में 632 प्रत्याशी उतरे हैं जिनमे से कई नेता पहली बार अपनीकिस्मत अजमा रहे है.

10 मार्च मतदान पेटी के अंदर बंद प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला हो जाएगा. मतदान से पहले नेताओं की प्रत्याशियों की बयान बाजी जारी है। कांग्रेस भाजपा पर तो भाजपा कांग्रेस पर हमला करने से चूक नहीं रही है। बात करें सीटो की तो उत्तराखंड के 11 खास सीटों पर सबकी नजरें हैं। हर कोई इन सीटों पर नजर गड़ाए है कि आखिर यहां पिता भाई की विरासत संभालने आगे आए प्रत्याशी जीत पाएंगे।

जी हां आपको बता दें कि ये वो सीटें हैं जो परिवार की राजनीति से जुड़ी है। कुछ सीटों पर मां के निधन के बाद बेटा चुनाव के मैदान में उतरा तो कहीं पिता ने बेटे को अपनी राजनीति विरासत सौंपने का फैसला लिया। किसी ने पति के निधन के बाद खुद चुनाव के मैदान में उतरने का फैसला किया तो किसी ने अपनी बहू को टिकट दिलाया है।

पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा हरिद्वार ग्रामीण से चुनाव लड़ रही है। नेता प्रतिपक्ष रही डा. इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद उनके बेटे कांग्रेस के टिकट पर हल्द्वानी से चुनावी मैदान में हैं। नैनीताल सीट पर यशपाल आर्य के बेटे संजीव दूसरी बार मैदान में उतरे हैं। सल्ट पर दिवंगत विधायक सुरेंद्र जीना के भाई महेश मैदान में है। भाई के निधन के बाद महेश ने उपचुनाव जीता था। पिथौरागढ़ सीट पर भाजपा के दिग्गज मंत्री रहे प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत फिर मैदान में उतरी है। सितारगंज सीट से पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के बेटे सौरभ दूसरी बार विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

वहीं हल्द्वानी में इंदिरा हृद्येश के निधन के बाद सुमित चुनाव के मैदान में हैं। तो वहीं काशीपुर सीट पर विधायक हरभजन चीमा के बेटे त्रिलोक और पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा के बेटे नरेंद्र चुनाव लड़ रहे हैं। दून कैंट सीट पर भाजपा अपने वरिष्ठ नेता स्व. हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर को चुनाव लड़ा रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अपनी बहू को चुनाव के मैदान में उतारा है।

वहीं भगवानपुर सीट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश की पत्नी ममता राकेश चुनाव लड़ रही है। पति के निधन के बाद उन्होंने उपचुनाव और फिर 2017 में भी जीत हासिल की थी। पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी की बेटी ऋतु इस बार यमकेश्वर की बजाय कोटद्वार से भाजपा प्रत्याशी है।

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