उत्तराखंड : आम जनता की तो जेब काटी जाती है लेकिन इन अधिकारियों का क्या होगा?

देहरादून : किसी नियम का और आदेश का उल्लंघन करने पर आम जनता की जेब तो खूब काटी जाती है लेकिन जब यही उल्लंघन शासन में या किसी विभाग में बैठा अधिकारी करे तो क्या उनकी जेब से भी पैसा वसूला जाता है या चालान किया जाता है? जी हां क्योंकि आज एक बैठक में शासन के अधिकारियों ने ही शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाई जबकि राधा रतूड़ी का सख्त आदेश था.

केंद्र सचिवालय में प्लास्टिक और उससे बनी वस्तुओं के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध

जी हां हम बात कर रहे प्लास्टिक के प्रयोग की. दरअसल बीते दिनों राज्य में शासन के सर्वाेच्च केंद्र सचिवालय में प्लास्टिक और उससे बनी वस्तुओं के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अपर मुख्य सचिव ने इस संबंध में आदेश भी जारी किया था. लेकिन तस्वीरों से साफ होता है कि अधिकारी शासन के आदेश को कितना मानते हैं.

शासन के आदेश की शासन के अधिकारी ही लगा रहे पलीता

आदेश जारी होने के बाद पीठ पीछे अधिकारी किस कदर आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं ये देखना है तो इन तस्वीरों को देखिए…सीट पर बैठे अधिकारियों के मूंह के सामने आदेशों का धड़ल्ले से उल्लंघन कियाजा रहा है. पॉलीथिन कैरीबैग व प्लास्टिक पर प्रतिबंध की कवायद सरकार ने शुरु तो की लेकिन शासन के अधिकारी ही इस पर पलीता लगाते नजर आए. अधिकारी बोलत खोलकर पानी भी पीते नजर आए लेकिन किसी की नजर औऱ ध्यान उस आदेश पर नहीं गया.

शासन के आदेशों की मीडिया के सामने, कैमरे के सामने धज्जियां उड़ाई गई

दरअसल आज दून मेडिकल अस्पताल के सभागार में डीजी हेल्थ ने डेंगू को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश में फैले डेंगू के डंक के आकड़े जारी किए गए साथ ही शासन के आदेशों की मीडिया के सामने, कैमरे के सामने धज्जियां उड़ाई गई. किसी को कानों कान कोई खबर नहीं थी कि प्लास्टिक की बोतलों का प्रयोग करना बैन हो चुका है.

आम जनता का तो होता चालान लेकिन इन अधिकारियों का क्या होगा?

अब बड़ा सवाल ये है कि लोगों का तो आदेश न मानने पर चालान किया जाता है लेकिन एसी के नीचे दफ्तर में बैठे अधिकारियों पर शासन किस तरह की कार्यवाही करेगा ये देखने वाली बात होगी.

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