राष्ट्रीय जन चेतना मंच ने की बड़े आंदोलन की शुरुआत, 1 लाख लोगों के हस्ताक्षर कराकर सीएम को भेजे

सितारगंज ( मो. इमरान) : भूमि धरी अधिकार की मांग को लेकर राष्ट्रीय जन चेतना मंच ने की बड़े आंदोलन की शुरुआत। हस्ताक्षर अभियान के तहत एक लाख लोगों के हस्ताक्षर करा कर मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे। क्षेत्र के 100 से अधिक स्थानों पर आंदोलन के समर्थन में जन जागरण सभाएं कर लोगों को किया जायेगा जागरूक। भू माफियाओं को चेतावनी देते हुए विशन दत्त जोशी ने उनके षड्यंत्र कामयाम न होने देने की बात कही।

सितारगंज, राष्ट्रीय जन चेतना मंच ने आज प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर वर्षों से रह रहे भूमि पर भूमि अधिकार देने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है। राष्ट्रीय जन चेतना मंच के अध्यक्ष विशन दत्त जोशी अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आवाज बुलंद करते हुए बताया कि इस बार राष्ट्रीय जन चेतना मंच ने (एक आंदोलन अपने बच्चों के लिए) आंदोलन की शुरुआत की है कॉन्फ्रेंस में बताया की जिस भूमि पर लोग बरसों से घर बनाकर रह रहे हैं या खेती कर रहे हैं उनको सरकार मालिकाना हक दे। अगर सरकार अभी मालिकाना हक नहीं दे रही है तो एक व्यापक सर्वे कराकर दस्तावेजों में कब्जा दर्ज कराये।प्रेस कॉन्फ्रेंस में नौ बिंदुओं पर राष्ट्रीय जन चेतना मंच ने एक बड़े आंदोलन की घोषणा की है। मंच ने अपनी मांगों में स्टांप पर बिकी जनजाति समाज की जमीने या विभिन्न वर्गों में दर्ज जनजाति समाज की जमीने जो की गैर जनजाति समाज के लोगों के पास है. उनको इन जमीनों का भूमि धरी अधिकार प्रदान किया जाए। जब तक जनजातीय समाज की बिकी हुई जमीनों के संबंध में गैर जनजातीय समाज के लोगों को भूमि धरी अधिकार दिए जाने के संबंध में कोई निर्णय प्रदेश सरकार नहीं लेती है तब तक एक सर्वे ग्राम बार या खेतवार करवाया जाए जिससे मौके पर काबिज काश्तकारों का सत्यापन कर उनके नाम खसरे में दर्ज किए जाएं। जनजाति समाज की जमीनों पर गैर जनजाति समाज के लोगों को बेचने का अधिकार अभी तक जनजाति समाज को प्राप्त नहीं है जिस कारण से उन समाज के लोगों को उनकी जमीनों का वास्तविक मूल नहीं मिल पाता है. इस समाज के लोगों को भी अन्य समाज के लोगों की भांति अपनी जमीन को बेचने का अधिकार मिलना चाहिए ताकि इन लोगों को भी अपनी जमीनों का वास्तविक मूल्य मिल सके। नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे ऐसे परिवार जो भी किसी भी तरह की भूमि पर अपना घर या दुकान बनाकर बरसों से व्यापार कर रहे उन्हें भी उचित राजस्व लेकर सरकार उनको उनके आवास या दुकान की रजिस्ट्री करवाकर देने की प्रक्रिया प्रारंभ करें। स्थानीय नागरिकों की दिक्कत को देखते हुए जिला विकास प्राधिकरण को तुरंत समाप्त कर पूर्ववत व्यवस्था को लागू किया जाए। क्षेत्र के वर्ग 4 व वर्ग 1 ख के काश्तकार जिन्होंने अपनी जमीनों को भूमि धरी करवाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर अपना आवेदन जमा करा दिया है ऐसे किसानों को अविलंब भूमि धरी अधिकार प्रदान किया जाए। और जिन किसानों ने पुरानी सर्किल रेट के हिसाब से राजस्व जमा नहीं किया है उन सभी किसानों को पुराने सर्किल रेटों के आधार पर राजस्व जमा कराकर भूमिधारी अधिकार दिया जाए।

उनकी मांग है कि क्षेत्र में ऐसे बहुत सारे किसान है जिन्होंने अपनी जमीने बेच दी हैं किंतु खतौनी में उनका नाम नहीं कटा है जिस कारण से वह बैंकों से मिलकर दलालों के माध्यम से ऋण ले लेते हैं इस कारण से क्षेत्र के ऐसे काश्तकारों को जो भी इन जमीनों पर काबिज हैं आर्थिक क्षति व मानसिक उत्पीड़ना का सामना करना पड़ता है सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि किसी भी तरह का ऋण उन किसानों को न मिले जिन्होंने अपनी जमीने बरसो पहले बेच दी है। नगरी क्षेत्रों में लीज नवीनीकरण न हो पाने के कारण स्थानीय जनता को परेशानी का सामना करना पढ़ रहा है मंच ने मांग की है कि आवास दुकानों की लीज नवीनीकरण कराने हेतु सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर अपने आवेदन भी जमा करा रखे हैं किंतु लीज नवीनीकरण नहीं की जा रही है इस संबंध में भी तत्काल संज्ञान लेकर जनहित में सभी लंबित फाइलों का निस्तारण कर स्थानीय नागरिकों को राहत प्रदान की जाए। इसके अलावा डैम में बसे लोग भी अपना मकान बनाकर रह रहे हैं अथवा खेती कर रहे हैं उनको भी भूमि धरी अधिकार दिया जाए।

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