हल्द्वानी का यंग बाईकर अवनीश के जज़्बे को सलाम, इसके काम से हर कोई हैरान

हल्द्वानी- कहते है जब कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो मुश्किले भी दूर भागने लगती है, ऐसा ही कर दिखाया है हल्द्वानी के यंग बाईकर अवनीश राजपाल ने, अवनीश ने 29 राज्यो में एक लाख अस्सी हजार किलोमीटर यात्रा बाईक से कर पूरे देश को बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश दिया है, इस युवा बाईकर के जज्बे को देख हर कोई हैरान है।

हल्द्वानी का यंग बाईकर अवनीश इन दिनो सुर्खियों में है। अपनी बाईकिंग के शौक को अपने पैशन में तब्दील कर अवनीश ने ये नाम कमाया है। पिछले कई सालों से देश के कोने-कोने में अपनी बाईक लेकर विश्व शांति और बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश देने में सफल रहे अवनीश का नाम आाज हर किसी की जुबान पर है।

कश्मीर से कन्याकुमारी और नागालैन्ड से लेकर गुजरात तक एक लाख अस्सी हजार किलोमीटर का सफर अवनीश ने अपनी बाईकिंग के जज्बे से पूरा किया है।

1.2014 में अवनीश ने नेपाल के 7 जिले और उत्तर पूर्वी भारत के दस राज्य की 7 हजार किलोमीटर यात्रा की थी.

2.2015 में अवनीश ने सेफ उत्तराखण्ड नारे के साथ चारधाम की यात्रा की।

3.2016 में अवनीश ने दक्षिण भारत के 14 राज्यों की 8350 किलोमीटर की यात्रा की।

4.2016 में ही अवनीश ने 6 राज्यों की 36 सौ किलोमीटर की यात्रा कर अपनी बाईक को लेह लददाख की पहाडियों तक पहुँचाया।

5.2017 में उत्तर भारत के 12 राज्यों के साथ भूटान में सात हजार दो सो किलोमीटर की यात्रा पूरी की।

6.और इस बार अवनीश ने भारत के 9 राज्यो की 5 हजार किलोमीटर की यात्रा कर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश पहुचाया।

हल्द्वानी के इस युवा बाईकर के जज्बे को देख हर कोई गदगद है. लोगो ने जहां अवनीश राजपाल का भव्य स्वागत किया, तो वही पंजाबी समाज से जुडे होने के चलते अवनीश की इस सफलता पर पंजाबी समाज भी बेहद गर्व महसूस कर रहा है।

देश के कई राज्यों में भाषा व यातायात की दिक्कतें होने के बावजूद भी अवनीश ने सफलतापूर्वक अपना ये सफर पूरा किया। कुछ अलग कर दिखाने की चाह ने आज अवनीश को एक जाना माना बाईकर बना दिया है जो अवनीश कभी बचपन में सोचता था।

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