उत्तराखंड Exclusive : त्रिवेंद्र रावत नवरात्रि में निकालेंगे मुहूर्त, मत्रिमंडल के विस्तार के संकेत?

देहरादून : उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार में 3 मंत्री पद खाली पड़े हैं जिसको भरने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. सूत्रों की मानें जो नवरात्रि में मंत्रीमंडल का विस्तार तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही त्रिवेंद्र कैबिनेट में 2 मंत्री पद खाली चल रहे थे लेकिन कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन से पदों की संख्या तीन हो गई. त्रिवेंद्र सरकार को कुछ महीनों बाद 3 साल पूरे होने को हैं. ऐसे में विभागीय योजनाओं और नए विकास कार्यों को धार देने के लिए खाली पड़े मंत्री पदों को भरना समय की आवश्यकता भी माना जा रहा है। कुछ दिनों पूर्व खुद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट संकेत दे चुके हैं कि जल्दी ही खाली पड़े मंत्री पद की कुर्सी को भर लिया जाएगा। जिसके लिए कई बार चर्चा भी हो चुकी है।

एक मंत्री गढ़वाल से तो दो मंत्री कुमाउं से बनाया जाएगा

त्रिवेंद्र कैबिनेट के मंत्री मंडल विस्तार में तय माना जा रहा है कि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह का कद बढ़ाकर मंत्री बनाया जाएगा तो वहीं गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के समीकरण को साधते हुए मंत्री मंडल के विस्तार में एक मंत्री गढ़वाल से तो दो मंत्री कुमाउं से बनाया जाएगा. कुमाऊं मण्डल से अगर किसी ऐसे चेहरे को मंत्री बनाया जाता है जो पहली मंत्री बनेगा तो उसे राज्यमंत्री बनाया जाएंगा.

गढ़वाल से जिन भाजपा विधायकों के मंत्री बनांए जाने की चर्चा

गढ़वाल से जिन भाजपा विधायकों के मंत्री बनांए जाने की चर्चा है उन विधायकों में विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चैहान, बद्रीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट और मसूरी विधायक गणेश जो खुद के लिए पैरवी कर रहे नाम सबसे उपर हैं. वहीं कुमाऊं मंडल से जिन भाजपा विधायकों के नाम मंत्री पद की रेस में सबसे आगे हैं उनमे पूर्व मंत्री बिशन सिंह चुफाल, बलवंत सिंह भौर्याल और बंशीधर भगत हैं। वहीं पुष्कर सिंह धामी और सुरेंद्र सिंह जीना का नाम भी मंत्री पहली बार मंत्री बनाएं जाने की चर्चाओं में है। मंत्री पद की दौड़ में चल रहे नामों को लेकर बद्रीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट का कहना है कि मुख्यमंत्री भी कह रहे हैं कि जल्दी की मंत्री मण्डल का विस्तार होगा और मंत्री मंडल का विस्तार उनके अनुसार होना भी चाहिए जहां तक उनकी दावेदारी की बात है तो भाजपा में जो भी दावेदारी किसी पद की करता है उसकी दावेदारी वहीं खत्म हो जाती है।

भाजपा विधायक बेशक खुले रूप से मंत्री बनाएं जाने की दावेदारी कैमरे के सामने न कर हो लेकिन मंत्री बनाएं जाने को लेकर लांबिग हाईकमान तक से करवा रहे हैं. वहीं नेता यही कह रहे हों कि यह मुख्यमंत्री के विवेक पर है कि मुख्यमंत्री किसे मंत्री बनाएं लेकिन उत्तराखंड के भाजपा दिग्गज नेता अपने अपने चहेते विधायाकों को मंत्री बनाने के लिए जोर अजमाईश में लगे हुए हैं. ऐसे में देखना यही होगा कि आखिर जिसके सिर में भी मंत्री पद का ताज सजेगा वह चेहरे कोन से होंगे।

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