उत्तराखंड शिक्षा विभाग से बड़ी खबर, शिक्षक संघ कार्यकारणी भंग

देहरादून।  उत्तराखंड शिक्षा विभाग से बड़ी खबर है। जी हां शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड की प्रांतीय कार्यकारणी को भंग कर दिया है। यानी प्रांतीय कार्यकारणी भंग होने के साथ ही प्रांत से लेकर मंडल और जिला कार्यकारणी को भी भंग माना जाएगा। नई कार्यकारणी के गठन के बाद ही राजकीय शिक्षक संघ फिर से शिक्षकों के मुद्दों को उठा पाएंगा। नई कार्यकरणी के गठन तक शिक्षकों के मुद्दों को शिक्षा विभाग के साथ शासन स्तर पर कौन उठाएगा ये बड़ा सवाल है। क्योंकि निवर्तमान कार्यकारणी के द्धारा समय पर चुनाव न करा पाने का खमिायजा अब शिक्षकों को उठना पड़ सकता है। क्योंकि नई कार्यकारणी कब तक अस्तित्व में आएंगी इसको लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता है क्योंकि कोराना वायरस महामारी के दौरन नई कार्यकारणी के लिए चुनाव सम्मपन कराना मुश्किल नजर आ रहा है।

शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने कार्यकरणी को भंग करने के आदेश में इसका जिक्र भी किया है कि जब तक कोराना वायरस को लेकर स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है तब तक चुनाव या अधिवेशन नहीं कराएं जा सकते हैं। आपको बतादे कि राजकीय शिक्षक संघ का प्रांतीय कार्यकारणी का कार्यकाल दो वर्ष का होता है जो नवम्बर 2019 में पूरा हो गया था,लेकिन विशेष परिस्थितियों को देखते हुए कार्यकाल को एक सत्र बढ़ाया जा सकता है। तो ऐसे में 31 मार्च 2020 को शैक्षणिक सत्र समाप्त हो चुका है…ऐसे में कार्यकारणी का कार्यकाल बढ़ाया नहीं जा सकता है। इसलिए कार्यकारणी को भंग कर दिया गया है।

ऐेसे में शिक्षक के बीच में चर्चा भी यहीं है कि आखिर किस की ला परवाही से समय पर कार्यकारणी का चुनाव नहीं हो सका जिसकी वजह से आज ये नौबत आ गई है कि सबसे बड़ा शिक्षक संगठन अस्तित्व में नहीं है,और नई कार्यकारणी के बाद ही राजकीय शिक्षक संगठन अस्तित्व में आएंगा।

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