
काशीपुर : उत्तराखंड के लिए बुरी खबर है। बता दें कि उत्तराखंड का एक और जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। मिली जानकारी के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला में तैनात कुमाऊं रेजिमेंट में हवलदार काशीपुर निवासी मुकेश ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। हवलदार की शहादत की खबर से घर में कोहराम मच गया। जवान की पत्नी बेसुध है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।जानकारी मिली है कि मुकेश के पार्थिव शरीर के मंगलवार रात तक या बुधवार सुबह तक काशीपुर पहुंच सकता है।
पिछले 3 साल से थे मुकेश अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला में तैनात
मिली जानकारी के अनुसार शहीद जवान मुकेश पुत्र स्व० ओमप्रकाश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद के थाना डिलारी के ग्राम गक्खरपुर के निवासी हैं। पिछले 10 वर्षों से उनका परिवार काशीपुर ग्राम नंदरामपुर में रह रहा है। नंदरामपुर गांव में उनका मकान है और इसी गांव में उनका ससुराल भी है। मुकेश 9 कुमाऊं रेजीमेंट में हवलदार के पद पर कार्यरत थे और पिछले 3 साल से मुकेश अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला में तैनात थे।

मिली जानकारी के अनुसार बीते रविवार दोपहर करीब 3 बजे यूनिट के अधिकारियों ने मुकेश के बड़े बेटे विशाल कुमार को सूचना दी कि उनके पिता की हालत गंभीर है। करीब आधे घंटे बाद यूनिट से जवान के परिवार को पिता की शहादत की खबर दी गई। सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। घर में कोहराम मच गयापसर गया। हवलदार मुकेश की शहादत की असल वजह का पता नहीं चल पाया है लेकिन खबर है कि आग लगने के कारण वो शहीद हुए।
चार अप्रैल 2021 को सेवानिवृत्त होना था
जानकारी मिली है कि शहीद मुकेश अपने पीछे पत्नी नीलम और दो बेटे विशाल 18 वर्ष एवं ऋषभ 15 वर्ष हैं, को छोड़ गए। उसके भाई मुनेश कुमार का रानीखेत में निजी व्यवसाय है जबकि दोनों बहनें बबली और कविता विवाहित हैं। शहीद मुकेश के परिजनों के मुताबिक मुकेश कुमार चार अप्रैल 2021 को सेवानिवृत्त होना था। मुकेश का सपना था कि रिटायरमेंट के बाद वो अपना बिजनेस करेंगे और बच्चों को पढ़ा लिखाकर आईएएस बनाएंगे। बता दें कि शहीद मुकेश के पिता ओमप्रकाश भी रानीखेत कैंट छावनी से सेवानिवृत्त हुए थे और तीन साल पूर्व ही मुकेश के पिता का निधन हुआ था।