Khabaruttarakhand.com की पहल ला रही है रंग , भाविका की मदद के लिए आगे आ रहे हैं लोग

देहरादून- Khabaruttarakhand.com की पहल धीरे-धीऱे रंग ला रही है. जी हां Khabaruttarakhand.com ने कल भाविका अधिकारी जिसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है जिसे ‘रोटा वाइरस डायरिया इन्सिफिलिस’ नामक बिमारी है कि मदद के लिए अपने पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों की जनता से गुहार लगाई थी, जो की धीरे-धीरे रंग ला रही है. भाविका की मदद के लिए उत्तराखंड से हाथ आगे बढ़ने लगे हैं. लोग थोड़ा ही सही भाविका के इलाज के लिए रकम खाते में ट्रांसफर कर रहे हैं. सेना के जवान से लेकर आम जनता भाविका की मदद के आगे आ रही है. तो आपसे विनती है कि आप भी मदद को आगे आएं.

khabaruttarakhand.com ने भाविका के पिता से बात

वहीं khabaruttarakhand.com ने भाविका के पिता से फोन पर बात की. भाविका के पिता ने Khabaruttarakhand.com को फोन पर बताया कि अभी भाविका को ठीक होने में समय लगेगा ऐसे में अभी और अधिक खर्च होगा. भाविका के पिता ने बताया कि डॉक्टरों का कहना है भाविका को ठीक होने में अभी समय लगेगा. उनका कहना है कि भाविका के नाक में नली लगी है जिससे काफी तकलीफ भी हो रही है. परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है. भाविका को ठीक होने में कितना समय लगेगा इसका अभी कुछ अंदाजा नहीं है. साथ ही भाविका के पिता ने ये भी बताया कि कल-कल में दो लोगों के फोन उनके पास आए जिनमें से एक भारतीय वायु सेना में कार्यरत है. जिंहोने मदद के लिए हाथ बढ़ाया. आप सभी से खबर उत्तराखंड का यही कहना है कि आप भी भाविका के पिता से फोन पर बात करके 10,20,30,50,100 जितनी मदद कर सकते हैं करें.

अब तक हो चुके हैं 15 लाख से ज्यादा का खर्च

आपको बता दें भाविका के इलाज में अब तक 15 लाख से ज्यादा का खर्च हो चुका है. भाविका के पिता एक दवाई की दुकान में काम करते हैं उनके सिर पर 15 लाख से अधिक का कर्ज हो चुका है. भाविका के इलाज में अभी और रकम की जरुरत है. भाविका के पिता के सिर पर पहले ही 15 लाख का कर्ज हो चुका है. जिसे आप और हम मदद करके कम कर सकते हैं.

तंत्रिका तंत्र रोटा वाइरस डायरिया इन्सिफिलिसनामक बीमारी

उत्तराखंड की इस फूल सी नाजुक बच्ची को आपकी मदद की दरकार है। मामूली पगार पाने वाले श्याम सिंह अधिकारी की इस डेढ साल की बिटिया का तंत्रिका तंत्र ‘रोटा वाइरस डायरिया इन्सिफिलिस’ जैसी बीमारी की चपेट में आ गया है। मासूम बिटिया की बीमारी का पता उस वक्त चला जब ये बच्ची अपने ननिहाल दिल्ली गई हुई थी। एक दिन अचानक ने मासूम भाविका की तबियत खराब हुई।

रोहणी के जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में भर्ती

भाविका की मां ने बीमारी को मामूली समझकर रोहणी के जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची की जांच की और उसे इस गंभीर बीमारी से ग्रसित बताया और उसका इलाज शुरू कर दिया।

काफी अर्सा गुजरने के बाद भी बच्ची की सेहत में नहीं हुआ सुधार

लेकिन काफी अर्सा गुजरने के बाद भी बच्ची की सेहत में कुछ सुधार नहीं हुआ। लेकिन अस्पताल ने इलाज का बिल 12 लाख रुपए जैसी भारी-भरकम रकम का बना दिया। अस्पताल के भारी भरकम बिल देख कर मामूली पगार पाने वाले मासूम भाविका के परिजनों की आंखों में आंसू आ गए और पैरों तले जमीन खिसक गई। ऐसे में सामाजिक संस्था श्रद्धा ने सामने आकर भाविका के परिजनों की मदद की और बच्ची को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया।

बीती 15 फरवरी से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मासूम बच्ची भाविका का इलाज चल रहा है लेकिन भाविका के पिता के सिर 15 लाख से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया है। फूल सी नाजुक बच्ची को इस हालत में देखकर परिजनों के कलेजे मुंह को निकले हैं तो भाविका की दास्तान सुनकर पत्थर दिल भी पिघले जा रहे हैं।

ऐसे में हम भी अपने पाठकों से गुजारिश करते हैं कि संभव हो तो इस नवरात्र पर भाविका की मदद की जाए। क्या पता हमारी छोटी-छोटी मदद से बेटी भाविका की जान बच जाए और इलाज के लिए भारी-भरकम कर्ज के बोझ तले दबे पिता को कुछ राहत मिल जाए। हमे ऐसी उम्मीद है. आप जो भी मदद करना चाहें भाविका के पिता के खाते में सीधे जमा करवा सकते हैं –

NAME           :       Shyam Singh Adhikari

Account No. :       4456000100037325

IFSC CODE   :        PUNB0445600

BANK            :        Punjab National Bank, New Cantt Road Hathibarkala Dehraun

PHONE NO  :        8266077727

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