जम्मू ग्रेनेड अटैक मामले में बडा़ खुलासा, 9वीं में पढ़ने वाले लड़के ने फेंका था ग्रेनेड, मिले थे इतने रुपए

जम्मू बस स्टैंड ग्रेनेड ब्लास्ट मामले में एक चौंकाने वाली बात सामने आई. इस हमले को नौवीं क्लास में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र ने अंजाम दिया था. लड़के का नाम यासिर भट्ट है, उसकी उम्र 16 साल से भी कम है. नाबालिग निकला.

मिली जानकारी के अनुसार यासिर भट्ट इसी महीने की 12 तारीख को वह 16 साल का हो जाएगा. यासिर अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा है. वह नौवीं क्लास में पढ़ता है और उसके पिता पेंटर हैं. यासिर गुरुवार को बस स्टैंड पर ग्रेनेड फेंकने के बाद भागते समय पकड़ा गया था.

अधिकारियों ने बताया कि यासिर के आधार कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड समेत पहचान से जुड़े दूसरे डॉक्यूमेंट में उसकी जन्मतिथि 12 मार्च, 2003 बताई गई है.

कौन है फारूख अहमद भट्ट?

जानकारी के मुताबिक फारूख अहमद भट्ट उर्फ नाली जम्मू के कुलगाम का रहने वाला है. उसने साल 2015 में हिजबुल मुजाहिदीन को ज्वॉइन किया. वह ए ग्रेड का आतंकी है और बस स्टैंड पर हमले के बाद से ही जम्मू-कश्मीर पुलिस को उसकी तलाश में है. शुक्रवार को फारूख अहमद भट्ट की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें वह अत्याधुनिक राइफल पकड़े हुए हिज्ब आतंकियों के साथ काले रंग का पहरन पहने खड़ा है.

जांचकर्ताओं के अनुसार कुलगाम जिले के स्वघोषित हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख फैयाज ने जम्मू में भीड़भाड़ वाली जगह पर ग्रेनेड फेंकने का काम हिज्ब के मुजम्मिल को दिया था. हालांकि मुजम्मिल ने इससे इनकार कर दिया. उसने ग्रेनेड फेंकने का काम छोटू (सांकेतिक नाम) को देने का निर्देश दिया.

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