दीन दयाल उपाध्याय के दर्शन और पीएम की सोच के खांचे में बैठाया पंत ने बजट को

गैरसैंण-
राज्य के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने वर्ष
2018 -19 के लिए राज्य के लिए 45585 करोड़ रुपए का सरप्लस संभावित बजट पेश किया।बजट के 32.69 करोड़ के राजस्व सरप्लस रहने की संभावना है।
राज्य की चौथी विधानसभा में पेश हुआ ये बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट है। बजट एक ओर दीन दयाल उपाध्याय के मूल विचार एकात्म अर्थनीति यानी आर्थिक स्वतंत्रता व आर्थिक लोकतंत्र पर आधारित है। तो वहीं पीएम मोदी की सोच के इर्द-गिर्द रखा गया है।
लिहाजा इस बजट में प्रदेश के किसानों से लेकर राज्य के पढ़े-लिखे, शिक्षित बेरोजगारों के कौशल विकास पर खर्च करने पर जोर दिया गया। वहीं राज्य में पर्यटन और सेवा क्षेत्र राज्य की आमदनी बढ़ाने का बड़ा जरिया सबित हों इसपर भी जोर दिया गया। 
बहरहाल पेश हुए बजट के मुताबिक राज्य के किसानो को दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने के लिए 30 करोड़ रुपए की धनराशि की व्यवस्था की गई है। राज्य में अन्तर्राष्ट्रीय विनिवेश मेलाdestination uttarakhand  के आयोजन के लिए 25 करोड़ का इंतजाम किया गया है।
वहीं पर्वतीय इलाकों में उद्यमिता प्रोत्साहन व पलायन रोकने व रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए ग्रोथ सेंटर की स्थापना के लिए 15 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था की गई है। जबकि क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था की गई है। वहीं पर्यटन विभाग की योजना होम स्टे हेतु 15 करोड़ की व्यवस्था की गई है। जबकि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत 63.55 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के सरकार की प्रतिबद्धता के तहत पर ड्राप, पर क्रॉप के तहत 20 करोड़ और पंरपरागत कृषि विकास योजना के तहत 83 करोड़ की व्यवस्था की गई है। पर्वतीय इलाकों में मंडुवा, सावां, गहथ, काला भट्ट, धान, मक्का, गेहूं जैसी फसलों के बीज उत्पादन का प्रावधान किया जाएगा।
पेश हुए बजट में 2018-19 के लिए कृषि विभाग के लिए 966.68 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।वर्ल्ड बैंक के जरिए एकीकृत बागवानी विकास परियोजना के लिए 07 वर्षीय योजना के लिए 700 करोड़ मिलेंगे। राज्य में पैदा होने वाले तेजपत्ता को GI पंजीकरण किया गया। वहीं बजट में औद्योनिक विभाग के तहत बाह्य सहायतित योजनाओं में 20 करोड़ धनराशि सहित कुल 311.23 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
राज्य में एक बार फिर से पशुपालन गुजरे दौर की तरह आर्थिकी की रीढ़ साबित हो और आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने में मददगार साबित हो सके इसके लिए पशुपालन और मत्स्य विभाग के लिए 303.43 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जबकि सहकारिता विभाग ने आम लोगों को सहकारिता से जोड़ने के लिए टोल फ्री नंबर की शुरुआत की गई है।
बजट में पलायन रोकने के लिए सघन विकास खंड रणनीति के तहत राज्य में गरीब ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जोड़े जाने की भी सरकार ने कवायद की है और  इसके लिए 106 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। पेश किए बजट में  अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को शीघ्र संचालित किया जाने की रणनीति भी बनाई गई है। 

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