उत्तराखंड में बेरोजगारी पर सियासत तेज, कल युवाओं के साथ सड़कों पर आवाज बुलंद करेगी कांग्रेस

देहरादून : उत्तराखंड में 2022 में होने वाले दंगल से पहले एक बार फिर युवाओं के मुद्दों पर सियासत गर्मा गई है. पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था के बीच बढ़ती बेरोजगारी पर विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने पहले फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया को लेकर सड़कों पर हंगामा काटा तो अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत हरिद्वार में ‘रोजगार यात्रा’ निकालकर राज्य सरकार पर प्रैशर पॉलिटिक्स की तैयारी में जुटे हैं.

2022 के चुनावी दंगल से पहले उत्तराखँड में बेरोजगारी पर सियासत तेज

2022 के चुनावी दंगल से पहले उत्तराखँड में बेरोजगारी पर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी पर युवाओँ को ठगने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है. पिछले सात माह से लटकी पड़ी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में अबतक कोई फैसला ना लिये जाने पर कांग्रेस ने सचिवालय का घेराव किया. इसके बाद अब हरिद्वार में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 17 अक्टूबर को युवाओं के साथ मिलकर रोजगार यात्रा निकालने जा रहे हैं.

राज्य में करीब 58 फीसदी युवा वोटर

इस यात्रा के बहाने एक और जहां कांग्रेस सरकार पर रोजगार देने का दबाव बनाएगी तो दूसरी और युवाओं को अपने पाले में लाने की कोशिश भी की जाएगी..वहीं हरीश रावत ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सत्ता में आने के बाद सभी खाली पड़े पदों को भरने और युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की है…जबकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कह रहे हैं कि कांग्रेस बताए उसने अपने कार्यकाल में कितने युवाओं को रोजगार दिया। दअरसल युवाओँ के मुद्दों पर जारी इस सियासत के पीछे की वजह ये भी है कि राज्य में करीब 58 फीसदी युवा वोटर हैं…यह युवा वोटर किसी भी दल को सत्ता में लाने और गिराने में अहम भूमिका निभाता है.

युवाओँ के मुद्दों पर सियासत तेज

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक उत्तराखंड में युवा वोटरों की संख्या करीब 45 लाख से ज्यादा है। यही वजह है कि युवाओँ के मुद्दों पर सियासत तेज हो गई है…हांलाकि युवा वोटरों की ताकत को समझते हुए युवाओं को रोजगार देने का प्रयास कर रही है….यही वजह है कि 1431 एलटी पदो पर विज्ञपत्ति जारी करने के साथ ही अन्य विभागों में भी भर्ती की प्रक्रिया सरकार शुरू करने जा रही है।

कुल मिलाकर राज्य में देश का भविष्य युवा एक बार फिर सियासत का मुख्य बिन्दु बन गया है ।सत्ता पक्ष और विपक्ष युवाओँ की ताकत को समझता है…और आने वाले विधानसभा चुनाव में युवा वोटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. ऐसे में हर एक दल युवाओं को अपनी और लाना चाहता है लेकिन सवाल ये है कि आखिर युवाओं के हाथों को रोजगार कब मिलेगा, क्या सिर्फ सियासत का मुख्य बिन्दू बनकर ही युवा रह जाएगा…क्या पहाड़ का पानी और जवानी राज्य के काम आएगी या नहीं ऐसे कई सवाल है जिसका जवाब भविष्य के गर्भ में है।

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