नशे के सौदागरों और तस्करों को क्यों भा रहा उत्तराखंड…पढ़िए औऱ जानिए अहम जानकारी

देहरादून(हिमांशु चौहान)- पूरे देश में एजुकेशन हब के रूप में जाने जाना वाला देहरादून शहर अब नशे के मामले में पिछले सालो के मुकाबले बीते वर्ष 2017 में पहले स्थान पर काबिज हो चुका है. आलम यह है कि नशे के तस्कर अलग-अलग देशों से देहरादून की खुली हवा में सांस ले रहे हैं और बैखोब होकर युवा पीड़ी को नशे का आदि बना रहे है.

नशे के तस्करों का भी उत्तराखंड एक खास पसंद

राजधानी देहरादून शिक्षा के क्षेत्र में विदेश में अपनी पहचान बना चुका है लिहाजा यहां पर देश ही नहीं बल्कि विदेशों के बच्चे भी पढ़ाई कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर नशे के तस्करों का भी उत्तराखंड एक खास पसंद बन गया है. आलम यह है कि आए दिन कोई न कोई ड्रग्स तस्कर नशे की बड़ी खेप के साथ पुलिस की गिरफ्त में आ रहा है.

देहरादून में पकड़ी जा चुकी है सवा 6 करोड़ रुपए की ड्रग्स

वहीं 2017 में अगर सिर्फ 10 माह की बात की जाए तो प्रदेश में पुलिस ने सवा 9 करोड़ रु की लगभग ड्रग्स पकड़ी है जिसमे अकेले देहरादून से सवा 6 करोड़ रुपए की ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है आलम यह बनता जा रहा है कि नशे के बड़े-बड़े सौदागर देहरादून में पढ़ने वाले लड़कों को नशे की खेप मुहैया करवा रहे हैं और लड़कों को नशे की लत में डाल रहे हैं।

छोटे तस्कर अभी तक पुलिस के हत्थे, बड़े गैंग के सौदागर पर्दे के पीछे

वही पुलिस इन सब पर रोक लगाने में अभी तक पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है क्योंकि पुलिस की पकड़ में सिर्फ तस्करी सामने आ रहे हैं जबकि बड़े गैंग के सौदागर अभी भी पर्दे के पीछे से सप्लाई करवा रहे हैं. नशे की बड़ी खेप में अफीम, चरस, गांजा, स्मैक सहित कई अन्य नशीले पदार्थ प्रदेश में सप्लाई किए जा रहे हैं.

पड़ोसी राज्य से हो रही राज्य में जमकर ड्रग्स सप्लाई

तस्कर देहरादून और हरिद्वार के साथ साथ उधम सिंह नगर अल्मोड़ा नैनीताल सहित पर्वतीय जिलों में भी तस्करी करवा रहे हैं।तस्करी की बात की जाए तो ड्रग्स माफिया उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों से उत्तराखंड में जमकर ड्रग्स सप्लाई कर रहे हैं। यहां पर सबसे ज्यादा कॉलेज के छात्रों में नशे का फलता-फूलता प्रचलन देखा गया है अधिकांश तस्कर यहां आकर मनमाने दामों पर कॉलेज के छात्रों को नशे की बड़ी खेप बेचते हैं और उनसे मनमाने दाम भी वसूलते हैं।

नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाली पुलिस महज तस्करों को पकड़ने की खानापूर्ति कर रही है जिसके कि यह आंकड़े गवाह है।

बीते 10 महीनों में प्रदेश के जिलों की बात करें तो

1- देहरादून में 476 ड्रग्स तस्करों की गिरफ्तारी हुई है और 6.10 करोड़ की ड्रग्स बरामद की           गई है ।

2- नैनीताल में 79 गिरफ्तारियां और 50 लाख की बरामदगी ।

3- पौड़ी में 50 गिरफ्तारी और 14.65 लाख बरामद।

4-हरिद्वार में 38 गिरफ्तारी 12 लाख बरामद।

5- उधमसिंह नगर में 150 गिरफ्तारी 37.42 लाख बरामद।

6-अल्मोड़ा में 25 गिरफ्तारी 10.99 लाख बरामद।

7-चमोली में 11 गिरफ्तारी 10 लाख बरामद।

8- चंपावत में 26 गिरफ्तारी 8.07 लाख  की बरामदगी।

9- टिहरी में 17 गिरफ्तारी 4.88 लाख की बरामदगी।

10-पिथौरागढ़ में 3 गिरफ्तारी 1.95 लाख बरामदगी।

11-बागेश्वर में 5 गिरफ्तारी 9.59 लाख बरामदगी।

12-उत्तरकाशी में 30 गिरफ्तारी 29.35 लाख की बरामदगी।

13- जबकि रुद्रप्रयाग जिले में नशे की कोई भी खेप नही पकड़ी गई और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है।

ऐसे में साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि देहरादून सहित समूचे उत्तराखंड में नशे के तस्कर किस तरह से अपनी पैठ बना रहे हैं और नशे की तस्करी कर रहे हैं जबकि पुलिस नशे के खिलाफ अभियान पूरे राज्य में चला रही है लेकिन पुलिस के अभियान को धता बताते हुए नशे के सौदागर जमकर प्रदेश में करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं और प्रदेश के युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहे हैं

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