जब आर्मी जवान ने पुलिस से कहा- हमें सेना में होने पर गर्व लेकिन ये हमारी बेइज्जती

रुड़की- हाईकोर्ट के फैसले के बाद उत्तराखंड के हर जिले में चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें प्राइवेट वाहनों में लगे पदनाम या नेमप्लेट हटाने की कार्रवाही की जा रही है. पदनाम का उपयोग कर कई लोग रौब झाड़ते नजर आते थे. जिस पर लगाम लगाते हुए पुलिस जगह-जगह अभियान के द्वारा वाहनों से नेमप्लेट हटाए जाने की कार्रवाई कर रही है और साथ ही चालान भी किया जा रहा है.

वहीं रुड़की टी एस आई योगेश सक्सेना के नेतृत्व में आज मिल्ट्री चौराहे पर गाड़ियों पर लगी नेम प्लेट उतारने का अभियान चलाया गया. ट्रैफिक पुलिस की प्रक्रिया के दौरान निजी वाहनों पर आर्मी, प्रेस, पुलिस व नेताओं के द्वारा विभिन्न नामों से लगाई गई नेम प्लेट उतरी व चालान भी काटे गए.

एक कार से जा रहे आर्मी के जवानों की ट्रैफिक पुलिस से तकरार हो ग

वही एक कार से जा रहे आर्मी के जवानों की ट्रैफिक पुलिस से तकरार हो गई. आर्मी वालों का कहना था हमे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और अगर हम पर कार्ह्वाही कर रहे हैं तो पुलिस वालों पर भी एक्शन होना चाहिए वो अपनी गाड़ी पर पुलिस की नेमप्लेट लगाकर चलते हैं और रौब झाड़ते हैं. इस दौरान सेना के जवान ने पुलिस के ड्रेस को सही ढंग से नहीं पहनने पर सवाल उठाए.

सेना के जवान का कहना है कि आर्मी में सबको गर्व होता है ऐसे में हमारी गाड़ी को रोककर स्टीकर हटाया जाना हमारी औऱ सेना की बेइज्जती है. सेना के जवान का कहना है कि हमें आर्मी में होने का गर्व है.

इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई. पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम सेना के जवानों की इज्जत करते हैं लेकिन प्राइवेट वाहन पर नेमप्लेट लगाना उचित नहीं है. साथ ही पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम सरकार और हरिद्वार कप्तान के आदेश पर यह अभियान चला रहे हैं. जिसके अन्तर्गरत कल से अब तक कई गाड़ियों पर से अलग-अलग पार्टियों व पदों की नेम प्लेट उतार कर ज़ब्त की गई और वाहन स्वामियों के चालान भी काटे गए है.

इस दौरान सेना के जवानों ने कहा कि हमें इस आदेश के बारे में जानकारी नहीं थी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here