उत्तराखंड से चेतावनी: दोहराएंगे इतिहास, 1972 की तरह पूरे देश की रेलवे व्यवस्था कर देंगे ठप

रुड़की- ऑल इण्डिया रेलवे मेंस फ़ेडरेशन के आह्वान पर नार्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन के लक्सर खण्ड के सचिव  पासवान के नेतृत्व में 72 घण्टे का क्रमिक अनशन रुड़की रेलवे स्टेशन पर किया जा रहा है। जिसमे अलग अलग तीन भागों में  24 घण्टे में दस-दस कर्मचारी भूख हड़ताल करेंगे। आठ तारीख से शुरू यह हड़ताल दस तारीख तक जारी रहेगी। हड़ताल की तीन मुख्य  मांगे न्यू पेंशन स्कीम को हटाया जाए व पुरानी गारंटी पेंशन ही लागू की जाए और न्यूनतम वेतन एवम फिटमेंट फार्मूले में दिए गए, रेलवे के निजीकरण नीति पर रोक लगाना, आस्वासन के अनुरूप तत्काल सुधार करना इनकी मांगे है।

1972 वाले इतिहास को दोबारा से दोहरा कर पूरे देश रेलवे व्यवस्था को ठप करने की चेतावनी

यूनियन के कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी यह मांगे सरकार ने जल्द ही नही मानी तो पूरे देश के रेलवे कर्मचारी 1972 वाले इतिहास को दोबारा से दोहरा कर पूरे देश रेलवे  व्यवस्था को ठप कर देंगे। जिससे मचने वाले हाहाकार की ज़िम्मेदार खुद सरकार होगी।

यूनियन के सचिव पासवान का कहना है कि नई पेंशन नीति से लगभग साढ़े तीन लाख कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद पेंशन नही पा सकेंगे और जो पेंशन उन्हें दी जाएगी वो भी उस वक्त की आर्थिक स्तिथि के मुताबिक दी जाएगी। जबकि कोई भी एमपी या विधायक सिर्फ एक वर्ष रहने के बाद हमेशा पेंशन का लाभ उठता रहता है। जबकि एक सरकारी नौकरी करने वाला 60 वर्ष के बाद भी उस हक को पाने से वंचित रह जायेगा जो कि सरासर अन्याय है और पूरे देश का रेलवे विभाग एक जुट होकर सरकार के इस नए कानून का विरोध करेगा।

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