सिगरेट पीने वालों को जरूर कराने चाहिए ये 5 मेडिकल टेस्ट, नहीं होंगे फेफड़े खराब

आजकल सिगरेट पीना न सिर्फ आदत बल्कि लोगों का एक शौक भी हो गया है। हाई क्लास लोग सिगरेट पीने को अपना स्टाइल मानते हैं। उन्हें लगता है कि सिगरेट पीना बड़े लोगों की पहचान होती है। इस होड़ में सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी आगे है। सच्चाई उन्हें तब पता चलती है जब वो किसी गंभीर शारीरिक बीमारी का शिकार हो जाते हैं या फिर इसका नुकसान उनके बच्चे को झेलना पड़ता है। अगर आप भी सीरियल स्मोकर हैं यानि कि बहुत सिगरेट पीते हैं तो आज यानि कि ‘नो टबैको डे’ के मौके पर हम आपको कुछ जरूरी टेस्ट बता रहे हैं। इन्हें करा के आप अपनी स्वास्थ्य स्थिति का जायजा ले सकते हैं।

आइए जानते हैं क्या हैं वो जरूरी टेस्ट—

स्पिरोमेट्री टेस्ट

स्पिरोमेट्री टेस्ट फेफड़ों का मेडिकल टेस्ट होता है। सिगरेट पीने से सबसे पहले हमारे फेफड़े खराब होते हैं। ऐसे में इस टेस्ट को करा के आप जान सकते हैं कि आपके फेफड़ें किस हाल में हैं। यह बहुत ही साधारण टेस्ट होता है। इस टेस्ट के लिए आपको सिर्फ गिनती के 6 सेकेण्ड के लिए मशीन में रखा जाता है और मशीन बताती है कि आपके फेफड़ें में हवा किस तरह आ जा रही है। साथ ही ये टेस्ट ये भी बताता है कि आपके फेफड़ें अब तक कितने खराब हो चुके हैं। यानि कि आपके फेफड़ें किस हाल में हैं।

चेस्ट एक्स-रे

डॉक्टर्स का मानना है न सिर्फ स्मोकर बल्कि हर व्यक्ति को साल में एक बार अपना एक्स-रे जरूर कराना चाहिए। एक्स-रे के माध्यम से डॉक्टर यह देख पाने में कामयाब हो जाते हैं कि कहीं मरीज हार्ट आर्टरी या फिर किसी अन्य हार्ट संबंधी बीमारी से तो ग्रस्त नहीं है। ऐसे में यदि आप बहुत सिगरेट पीते हैं तो आपको अपना एक्स-रे जरूर कराना चाहिए।

सी टी स्कैन

सीटी स्कैन शरीर के अंगों की जांच करने की एक प्रक्रिया है। इसका पूरा नाम कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी स्कैन (सीटी स्कैन) या कंप्यूटेड एक्सिअल टोमोग्राफी है। ये जांच सामान्य एक्स-रे जैसी ही होती है। ये जांच शरीर के अंदरूनी अंगों की स्थिति बताती है। जैसे फेफड़ों का कैंसर, हार्ट आर्टरी, खराब फेफड़े, फेफड़ों में जमा धूल मिट्टी आदि बताता है। ज्यादा सिगरेट पीने वालों को यह टेस्ट जरूर कराना चाहिए। सीटी स्कैन के माध्यम से शरीर के अंदर की हड्डियों, नसों और सॉफ्ट टिशूज की जांच की जाती है। पहले सीटी स्कैन सिर्फ सिर की जांच के लिए प्रयोग किया जाता था लेकिन अब इससे शरीर के लगभग सभी अंगों की जांच की जाती है।

ईसीजी और ईकेजी

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी या ईकेजी) ग्राफ़िक तकनीक की इलेक्ट्रॉनिक गतिविधि द्वारा उत्पन्न प्रत्येक कार्डियक चक्र के हृदय को रिकॉर्ड करने के लिए शरीर से ईसीजी मशीन का उपयोग होता है। यह मुख्य रूप से हृदय की हर धड़कन के बारे में बताती है। यह हृदय के असामान्य तालों की माप एवं निदान करने का सर्वोत्तम तरीका है। सीरियर स्मोकर के लिए यह टेस्ट बहुत जरूरी है।

विटामिन डी ब्लड टेस्ट

यह टेस्ट ब्लड में विटामिन डी का स्तर जांचने के लिए किया जाता है। इसके लिए लिक्विड क्रोमैटोग्राफी मास स्पेक्ट्रोमेट्री (LCMSMS) या हाई परफॉरमेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (HPLC) सबसे सटीक है। अन्य विधियां इम्यूनोसेज (immunoassays) है, जिसमें एलिसा, केमिलाइमिन्सिसेंस शामिल हैं। ये टेस्ट इसलिए जरूरी है क्योंकि डॉक्टर्स का कहना है कि 90 प्रतिशत सिगरेट पीने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी होती है। इसलिए यह टेस्ट भी जरूर कराना चाहिए।

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